नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि जरा पता कीजिए कि देश भर में लोग यकायक मरने लगे हैं, शादी के फेरे लेते लेते मर रहे हैं,डांस प्रोग्राम में मर रहे हैं, क्रिकेटर गेंद फेंकते फेंकते मर रहे हैं,18 साल के नोजवान मर रहे हैं, 25 साल के युवा मर रहे हैं, 50 साल के युवा मर रहे हैं, 60 साल के अधेड़ मर रहे हैं। ऐसी क्या बात हो गयी कि यकाकर हार्ट अटेक कार्डियक अरेस्ट का सिलसिला शुरू हो गया है। बहुत द्रवित हैं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा सुश्री स्वीति मालीवाल। वो कह रही हैं कि मैं पीड़ित हूं, दुखी हूं,मैं कैसे बताऊं कि क्या बात हो गयी कि लोग मरने लगे। स्वीति मालीवाल ने पत्र में लिखा है कि ऐसी किसी भी आकस्मिक मौत की केंद्रीय फोरेंसिक और बायोमेडिकल टीम द्वारा ठीक से जांच की जाए ताकि इसके कारणों का ठीक से पता लगाया जा सके।

क्यूवाइव नेटवर्क पर ” इंडिया डिबेट विद आशुतोष पाठक” में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के पत्र पर हुई चर्चा के बाद देश भर में भयंकर जनाक्रोश है। केंद्र सरकार ने भी उनके पत्र का संज्ञान लिया है। जनता अब स्वीति मालीवाल से सवाल पूछ रही है कि उन्होंने ये कैसे सुनिश्चत कर दिया कि जो मौतें हो रही हैं वो कोविड के असर के कारण हुई,जनता ने वेक्सीन से हो रही मौतों को मानने से इनकार कर दिया है। किसके कहने पर स्वाति मालीवाल ने ये पत्र लिखा है,इस पर क्यूवाइव नेटवर्क पर विशेषज्ञों ने चर्चा की है।
क्यूवाइव नेटवर्क डेढ़ साल पहले ही जता चुका था अंदेशा
क्यूवाइव नेटवर्क डेढ़ साल से लगातार कहता रहा है कि लोग मरने लगेंगे। सात समंदर पार से डॉक्टर पीटर मैकोला,डॉक्टर रार्बट ब्लोन और डॉक्टर जय भट्टाचार्य जैसे दुनियाभर के डॉक्टर कह रहे थे कि जो कुछ भी हो रहा है वह गलत हो रहा है, इसे ठीक करिये। स्वीति मालीवाल को तब बात सुनायी नहीं पड़ी क्योंकि मेनस्ट्रीम कम्प्रोमाइज्ड मीडिया उन मुद्दों को दबा रही थी।
अब क्या हो रहा है, अब खेल सबके सामने है, उन्होंने आईसीएमआर को लिखा है कि एक बॉडी कॉंस्ट्रीट्यूट करनी चाहिए जो यह पता लगाए कि आखिर जो ये मौतें हो रही हैं ये क्यों हो रही हैं,ये पता करना चाहिए और अगर कोई कमेटी कॉंस्ट्रीट्यूट नहीं हुई है तो जल्द से जल्द कमेटी कॉंस्ट्रीट्यूट किया जाय। स्वाति मालीवाल को दिल्ली में व्यापारियों की क्या स्थिति है, दो साल में व्यापारी तबाह हो गये हैं, घर के घर उजड़ गये, इसकी चिंता नहीं है,क्योंकि उसके मुखिया ने टिकट बेच दिया। एक व्यापारी को जात के नमा पर बांट दिया उसके वोट को खरीद लिया, लेकिन उनको दिया। क्यूवाइव नेटवर्क में उन सभी माफियाओं की विशेषज्ञों ने पोल खोली है, जिन्होंने देश की भोली भाली जनता को गुमराह किया है।
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