फैटी लिवर डिजीज, जिसे अब MASLD कहा जाता है, अक्सर बहुत हल्के और नजरअंदाज़ होने वाले पेट से जुड़े लक्षणों के साथ सामने आती है।कई बार तो ब्लड टेस्ट या स्कैन में कोई गड़बड़ी दिखने से पहले ही शरीर संकेत देने लगता है।वर्ल्ड जर्नल ऑफ हेपेटोलॉजी में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, पेट फूलना, बेचैनी और ऊपरी पेट में भारीपन जैसे लक्षण इस बात का इशारा हो सकते हैं कि लिवर पर पहले से ही दबाव पड़ रहा है और उसका मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने लगा है।
मेडिकल भाषा में फैटी लिवर को पहले नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज कहा जाता था, जिसे अब मेटाबॉलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टीएटोटिक लिवर डिजीज कहा जा रहा है। यह बीमारी काफी आम है, लेकिन अक्सर समय पर पहचान में नहीं आ पाती। शुरुआत में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं और ज्यादातर पेट या पाचन से जुड़े रहते हैं, इसलिए लोग इन्हें सामान्य गैस या अपच समझकर टाल देते हैं।
रिसर्च बताती है कि फैटी लिवर के शुरुआती संकेत अक्सर पेट में ही दिखाई देते हैं। अध्ययन में पाया गया कि कई मरीजों को ब्लड रिपोर्ट या अल्ट्रासाउंड नॉर्मल होने के बावजूद पेट फूलना, मतली और दाईं ओर ऊपरी पेट में असहजता महसूस होती है। ये संकेत बताते हैं कि लिवर का पाचन और पोषक तत्वों को प्रोसेस करने वाला काम प्रभावित होने लगा है। फैटी लिवर तब होता है जब लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है, जो अक्सर शराब से जुड़ी नहीं होती। जैसे-जैसे यह चर्बी बढ़ती है, लिवर सूज सकता है या उसमें हल्की सूजन आ सकती है, जिससे पेट के ऊपरी हिस्से में परेशानी महसूस होने लगती है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि लिवर की बीमारी में सिर्फ पीलिया जैसे साफ लक्षण दिखते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि शुरुआती संकेत पेट में ही छिपे होते हैं, सबसे आम लक्षण है पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में हल्का लेकिन लगातार दर्द या दबाव महसूस होना, कई लोगों को ऐसा लगता है जैसे पेट के अंदर कुछ भारी-सा दबाव रहा हो, खासकर करवट लेने पर।फैटी लिवर वाले लोगों में पेट फूलने और जल्दी भरा-भरा महसूस होने की शिकायत भी आम है। हल्का सा खाने के बाद भी पेट भरा हुआ लग सकता है, गैस बन सकती है और कभी-कभी पेट हल्का फूला हुआ दिखने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लिवर पाचन प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है और जब वह ठीक से काम नहीं करता, तो पाचन धीमा पड़ जाता है।
मतली और अपच भी फैटी लिवर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। कई लोगों को तला-भुना या भारी खाना खाने के बाद उलझन, जी मिचलाना या पेट में जलन महसूस होती है, ये लक्षण अक्सर आते-जाते रहते हैं और खराब डाइट, ज्यादा खाने या फिजिकल एक्टिविटी की कमी से बढ़ सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर पेट से जुड़े इन शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो फैटी लिवर को गंभीर स्टेज जैसे फाइब्रोसिस या सिरोसिस तक बढ़ने से रोका जा सकता है।सही खानपान, नियमित एक्सरसाइज, प्रोसेस्ड फूड से दूरी और समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से लिवर की सेहत को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
