विपक्षी एकता की बैठक से पहले सीएम स्टालिन के मंत्री के घर ईडी की छापेमारी ,70 लाख बरामद !

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न्यूज़ डेस्क 

बंगलुर में विपक्षी एकता की बैठक चल रही है और पडोसी राज्य तमिलनाडु में शिक्षा मंत्री पोनमुडी और उनके सांसद बेटे गौतम सिगमनी के घर परिसरों में ईडी की छापेमारी की गई। यह छापेमारी अवैध खनन से जुड़े धन शोधन मामले को लेकर की गई है। खबर के मुताबिक इस छापेमारी में 70 लाख रुपये की नकदी भी बरामद हुई है। छापेमारी के बाद पिता और पुत्र के बयान भी दर्ज किये गए हैं। बता दें कि इससे पहले भी तमिलनाडु के एक मंत्री बालाजी के यहाँ भी ईडी की छापेमारी की गई थी।        
   तमिलनाडु के परिवहन मंत्री सेंथिल बालाजी के बाद पोनमुडी मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के मंत्रिमंडल के दूसरे मंत्री हैं, जो जांच एजेंसी के दायरे में आए हैं। इससे पहले जून में बालाजी को कथित नौकरी के बदले नकद धन राशि से जुड़े धन शोधन मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने बताया कि राजधानी चेन्नै के अलावा पोनमुडी के गढ़ विल्लुपुरम में परिसरों पर तलाशी ली जा रही है। वहीं, सत्तारूढ़ डीएमके ने छापेमारी को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया है।
             सीएम स्टालिन ने कहा है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सशस्त्र जवानों की मौजूदगी में ईडी ने कार्रवाई को अंजाम दिया और कुछ दस्तावेज भी जब्त किए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री पोनमुडी विल्लुपुरम जिले की तिरुक्कोयिलुर विधानसभा सीट से विधायक हैं, जबकि उनके बेटे सिगमनी लोकसभा में कल्लाकुरिची सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए डीएमके के अध्यक्ष स्टालिन ने कहा कि ईडी ‘चुनाव अभियान’ में शामिल हो गई है। कांग्रेस की ओर बुलाई गई विपक्ष की बैठक में बेंगलुरु रवाना होने से पहले स्टालिन ने कहा कि दिवंगत जे जयललिता के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके सरकार में 13 साल पहले पोनमुडी के खिलाफ यह ‘झूठा मामला’ दर्ज किया गया था।
                 स्टालिन ने कहा, ‘जहां तक तमिलनाडु का सवाल है, राज्यपाल आर एन रवि पहले से ही चुनाव प्रचार कर रहे हैं। अब ईडी भी इसमें शामिल हो गई है। मुझे लगता है कि ऐसे में हमारे लिए चुनाव कार्य आसान हो जाएगा।’ ईडी की छापेमारी पर स्टालिन ने कहा, ‘डीएमके जरा भी चिंतित नहीं है।’ उन्होंने कहा कि यह ध्यान भटकाने के लिए रचाया गया ‘नाटक’ है।
            धन शोधन का यह मामला 2007 से 2011 बीच बरती गई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जब पोनमुडी तमिलनाडु के खनन मंत्री थे। उन पर खदान लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन के आरोप लगे थे और इससे सरकारी खजाने को लगभग 28 करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया था।

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