3 करोड़ 2 दो, तो रोक देंगे जांच, घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार हुआ ईडी अफसर

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बीरेंद्र कुमार झा

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अधिकारी को सरकारी कर्मचारी से 20 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।यह जानकारी सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीभीएसी) ने दी है। ईडी अधिकारी की गिरफ्तारी बड़े नाटकीय ढंग से हुई।तमिलनाडु पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ने के लिए कार से 8 किलोमीटर दूर तक पीछा किया। डिंडीगुल में हिरासत में लिए जाने के बाद डीभीएसी अधिकारियों के एक दल ने मदुरई में क्षेत्रीय ईडी कार्यालय में जांच की। इस दौरान राज्य पुलिस कर्मी केंद्र सरकार के कार्यालय के बाहर तैनात रहे। डीभीएसी की आधिकारिक विज्ञप्ति में गिरफ्तार अधिकारी की पहचान अंकित तिवारी के रूप में की गई है, जो केंद्र सरकार के मदुरई प्रवर्तन विभाग कार्यालय में प्रवर्तन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

ईडी अधिकारियों की अपनी एक टीम बनाकर,धमका कर लोगों से वसूलता था रिश्वत

डीभीएसी अधिकारियों के अनुसार अंकित तिवारी ने कुछ भ्रष्ट ईडी अधिकारियों के साथ अपनी एक टीम बनाई थी।तिवारी लोगों को धमकाता था और उनसे रिश्वत ऐंठता था। तिवारी संदिग्ध आरोपियों की को इस बात का आश्वासन भी देता था कि उसके खिलाफ दर्ज केस को वह बंद करवा देगा। रिपोर्ट के मुताबिक मदुरई में केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय में जांच के सिलसिले में डीभीएसी अधिकारी पहुंचे।इस दौरान भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी)के जवानों को अधिकारियों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। डीभीएसी अधिकारियों ने आरोपी अंकित तिवारी को डिंडीगुल में 20 लाख नगद के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया। अधिकारी अंकित तिवारी पर लगातार नजर रख रहे थे, ताकि उसे घूस लेते हुए पकड़ा जा सके।

कौन है अंकित तिवारी और कैसे रचा गया पूरा प्लान

अंकित तिवारी 2016 बैच का ऑफिसर है। इससे पहले हुआ गुजरात और मध्य प्रदेश में भी काम कर चुका है। डीभीएसी चेन्नई की ओर से जारी ऑफिशल रिलीज के अनुसार तिवारी केंद्र सरकार के मदुरे प्रवर्तन विभाग कार्यालय में एक इंफोर्समेंट ऑफिसर के रूप में कार्यरत है।अक्टूबर में तिवारी ने डिंडीगुल की एक सरकारी डॉक्टर से संपर्क किया। ईडी अधिकारी ने उसे जिले में उसके खिलाफ दर्ज विजिलेंस केस के बारे में उसे बताया, जिनका निपटारा पहले ही हो गया था।तिवारी ने डॉक्टर से कहा कि उसके खिलाफ जांच को लेकर प्रधानमंत्री ऑफिस से निर्देश मिला है। अधिकारी ने उनसे 30 अक्टूबर को मदूरे स्थित ईडी ऑफिस में पेश होने के लिए कहा।

3 करोड़ की मांगी थी रिश्वत, 51 लाख पर हुआ था तैयार

डॉक्टर जब मदुरै स्थित ईडी ऑफिस पहुंच तो वहां तिवारी ने उससे रिश्वत की मांग की।तिवारी ने कहा कि अगर वह 3 करोड रुपए देगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई रोकी जा सकती है। बाद में तिवारी ने कहा कि मैंने अपने सीनियर अधिकारियों से बात की है और उनके कहने पर मैं 51 लाख रुपए घूस के तौर पर लेने को तैयार हूं। डॉक्टर ने बताया की उन्होंने 1 नवंबर को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर तिवारी को 20 लाख रुपए दिए।इसके बाद तिवारी ने उन्हें कई बार व्हाट्सएप पर फोन कॉल्स और मैसेज किया जिसमें उसने कहा कि अगर पूरा पैसा नहीं दिया गया तो फिर इसके नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। इसके बाद मामला डीभीएसी तक पहुंचा और तिवारी रंगे हाथ गिरफ्तार हो गया।

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