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कांग्रेस को आज डबल झटका लगा है। पहले महराष्ट्र के पार्टी नेता मिलिंद देवड़ा ने पार्टी से इस्तीफा का ऐलान किया तो दूसरी तरफ असम में पार्टी को झटका देते हुए पार्टी के सचिब अपूर्व भट्टाचार्य ने भी इस्तीफा दे दिया। चुनाव से पहले ये इस्तीफे पार्टी के लिए बड़े झटके के देखे जा रहे हैं। एक तरफ राहुल गाँधी की आज मणिपुर से भारत जोड़ो न्याय यात्रा की शुरुआत हो रही है वही कांग्रेस अपने ही पार्टी के नेताओं को जोड़ नहीं सकी है।
आगामी लोकसभा चुनाव में इसका असर पार्टी पर पड़ सकता है। जानकारी के मुतबिक असम में अपूर्ब भट्टाचार्य ने कांग्रेस के सचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। वह एक दशक से ज्यादा समय तक कांग्रेस में रहे। राहुल गांधी की यात्रा से पहले इन दोनों नेताओं के इस्तीफे को पार्टी के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। दरअसल, राहुल गांधी की यात्रा महाराष्ट्र और असम से भी निकलेगी।
बता दें कि कांग्रेस पार्टी को असम में लगातार झटके लग रहे हैं। उसके कई बड़े नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी के साथ जा रहे हैं। पिछले साल नवंबर में असम कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का हाथ थाम लिया था। जिन दो नेताओं ने इस्तीफा दिया था, उनमें से एक 2021 में बरहामपुर विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले नगांव जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सुरेश बोरा शामिल थे। इन्हीं के साथ असम प्रदेश युवा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पोरिटुश रॉय ने भी पार्टी से इस्तीफा दिया।
बता दें कि कांग्रेस को एक दिन में दो झटके लगे हैं। सबसे पहला झटका मुंबई से लगा, जहां पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने इस्तीफा दे दिया। 47 वर्षीय मिलिंद देवड़ा ने रविवार को इस्तीफे के बाद एक्स पर लिखा, “आज मेरी राजनीतिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हुआ है। मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया है, जिससे पार्टी के साथ मेरे परिवार का 55 साल पुराना रिश्ता खत्म हो गया है। मैं सभी नेताओं, सहकर्मियों और कार्यकर्ताओं का वर्षों से अटूट समर्थन करने के लिए आभारी हूं। ” मिलिंद के पिता मुरली देवड़ा भी कांग्रेस के नेता थे।

