क्या आप राजदंड सेंगोल के बारे में जानते हैं  जिसे नए संसद भवन में स्थापित किये जाने हैं !

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 अखिलेश अखिल 

नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। इसकी पूरी तैयारी कर  ली गई है। हालांकि अधिकतर विपक्ष ने उद्घाटन समारोह का बहिष्कार लिया है। विपक्ष का कहना है कि संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों होना चाहिए। संसद की यही परंपरा है और लोकतंत्र की यही मांग भी। लेकिन बीजेपी ऐसा नहीं चाहती। ऐसे में विपक्ष का बखेड़ा भी अद्भुत और ऐतिहासिक है और केंद्र सरकार का जिद्द भी  अद्भुत है। लेकिन इस विवाद से परे हम राजदंड के प्रतीक सेंगोल की चर्चा यहाँ कर रहे हैं। आइये जानते हैं कि आखिर ये सेंगोल है क्या ?       
  साल 1947 में अंग्रेजों से सत्ता हस्तांतरण के दौरान इस्तेमाल में लाए गए ऐतिहासिक राजदंड ‘सेंगोल’ को नए संसद भवन में स्थापित किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने बकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी है। राजदंड ‘सेंगोल’ भारत के समृद्ध विरासत को दर्शाता है। अमित शाह ने कहा कि ‘सेंगोल’ नामक एक प्राचीन अवशेष को नए संसद भवन में रखा जाएगा। सेंगोल स्वतंत्रता और निष्पक्ष शासन की भावना का प्रतीक है।
गौरतलब है कि ‘सेंगोल’ चोल राजवंश से संबंधित है और इसका इस्तेमाल भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी 1947 में अंग्रेजों से सत्ता हस्तांतरण के दौरान किया था। अमित शाह ने कहा  कि ऐतिहासिक महत्व रखने वाला ‘सेंगोल’ इलाहाबाद में एक संग्रहालय में रखा गया था और इसका 1947 के बाद कोई इस्तेमाल नहीं किया गया था। अमित शाह ने आगे कहा कि सत्ता का हस्तांतरण महज हाथ मिलाना या किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना नहीं है। इसे जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय परंपराओं से जुड़ा रहना चाहिए। सेंगोल उसी भावना का प्रतिनिधित्व करता है जो जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त, 1947 को महसूस की थी।         
  ‘सेंगोल’ शब्द संस्कृत के ‘संकु’ से लिया गया है. इसका शाब्दिक अर्थ शंख होता है जिसे हिंदू धर्म में काफी पवित्र माना जाता है। पुराने जमाने में यह राजाओं के शक्ति, शासन और संप्रभुता का प्रतीक था। ‘सेंगोल’ सोने और चांदी से बना होता हैं और इसमें कई कीमती पत्थर भी जुड़े होते हैं। पुराने जमाने में राजा शक्ति प्रदर्शन करने के लिए कभी-कभार इसका इस्तेमाल करते थे।  इसका इस्तेमाल गुप्त, चोल साम्राज्य और विजयनगर साम्राज्य द्वारा भी किया गया था। 

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