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डायबिटीज सिर्फ शुगर लेवल नहीं,पैरों से भी देती है दस्तक;इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

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डायबिटीज की बात आते ही लोगों के मन में सबसे पहले हाई ब्लड शुगर, बार-बार प्यास लगना या बार-बार यूरिन आने जैसे लक्षण आते हैं। लेकिन अक्सर यह नजरअंदाज हो जाता है कि यह बीमारी धीरे-धीरे पैरों में भी अपने संकेत देने लगती है। दरअसल हमारे पैर शरीर का पूरा वजन उठाते हैं और उनकी सेहत काफी हद तक सही ब्लड फ्लो और नसों के सही काम करने पर निर्भर करती है। एक मिडिया रिपोर्ट के अनुसार डायबिटीज इन दोनों चीजों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए कई बार इसके शुरुआती संकेत पैरों में दिखाई देने लगते हैं।

कई लोगों को पैरों में झनझनाहट या सुई चुभने जैसा एहसास होता है। आम तौर पर लोग इसे लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने का परिणाम मान लेते हैं। लेकिन अगर यह एहसास बार-बार हो या लंबे समय तक बना रहे, तो यह नसों को होने वाले नुकसान का संकेत हो सकता है।इसे पेरिफेरल न्यूरोपैथी कहा जाता है, जो डायबिटीज से जुड़ी एक आम समस्या है। यह झनझनाहट खासकर रात के समय ज्यादा महसूस हो सकती है।

कुछ लोगों को पिंडलियों में जलन जैसा अनुभव भी होता है।कई बार इसे ज्यादा चलने-फिरने या थकान से जोड़ दिया जाता है, लेकिन डायबिटीज में यह नसों के ठीक से काम न करने का संकेत हो सकता है. कई मरीज बताते हैं कि रात के समय पैरों में तेज जलन महसूस होती है, जैसे किसी तरह की गर्मी या आग जैसी अनुभूति हो रही हो।

पैरों पर अचानक बाल कम होना भी एक संकेत हो सकता है। आमतौर पर लोग इसे उम्र बढ़ने या त्वचा की सामान्य समस्या मान लेते हैं, लेकिन डायबिटीज में खराब ब्लड फ्लो के कारण बालों की जड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं पहुंच पाता। इससे पैरों पर बाल धीरे-धीरे कम होने लगते हैं या जगह-जगह से गायब हो सकते हैं‌।

कुछ मामलों में टखनों या पिंडलियों के आसपास त्वचा का रंग भी बदलने लगता है।यह काले या गहरे धब्बों के रूप में दिखाई दे सकता है। कई बार लोग इसे धूप या गंदगी समझ लेते हैं, लेकिन यह डायबिटिक डर्मोपैथी का संकेत भी हो सकता है। हाई ब्लड शुगर छोटे ब्लड वेसल्स को प्रभावित करती है, जिससे त्वचा में ऐसे बदलाव दिखाई देने लगते हैं।

रात के समय पैरों में अचानक ऐंठन होना भी डायबिटीज से जुड़ा हो सकता है। आमतौर पर लोग इसे पानी की कमी या शरीर में मिनरल की कमी से जोड़ते हैं, लेकिन कई बार यह खराब ब्लड फ्लो या नसों की समस्या के कारण भी हो सकता है। जब मांसपेशियों तक पर्याप्त ब्लड नहीं पहुंचता, तो दर्द भरी ऐंठन होने लगती है।

कुछ लोगों के पैरों की त्वचा असामान्य रूप से चमकदार और कसी हुई दिखाई देने लगती है। यह स्थिति शरीर में तरल पदार्थ जमा होने यानी सूजन के कारण हो सकती है, जो ब्लड फ्लो से जुड़ी समस्याओं का संकेत देती है।इसके अलावा पैरों पर छोटी-मोटी खरोंच या घाव का देर से भरना भी डायबिटीज का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है, क्योंकि हाई ब्लड शुगर शरीर की इम्यून क्षमता को प्रभावित करती है।

कई बार पैरों के तापमान में भी बदलाव महसूस होता है‌ कुछ लोगों को पैर असामान्य रूप से ठंडे लगते हैं, जबकि कुछ को उनमें ज्यादा गर्माहट महसूस होती है। यह स्थिति नसों और ब्लड वेसल्स के प्रभावित होने का संकेत हो सकती है।इसलिए अगर पैरों में ऐसे बदलाव लगातार दिखाई दें, तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

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