बीरेंद्र कुमार झा
झारखंड के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि पिछली सरकारों को ना तो किसानों की चिंता थी, और ना ही मजदूरों की। वर्तमान सरकार मजदूरों के हित में कई काम कर रही है।असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का निबंधन कराया जा रहा है। उनको चिकित्सा प्रतिपूर्ति मिल रही है। मौत होने पर ₹1 हजार कफन के लिए भी दिए जाते हैं ।शादी के समय ₹30 हजार मिलता है। मजदूर का उम्र 60 साल से अधिक हो जाने पर प्रतिमाह ₹1 हजार दिया जाता है ।अब सरकार 80 प्रखंडों में मुख्यमंत्री सारथी योजना लाने जा रही है ।
क्या है मुख्यमंत्री सारथी योजना
मुख्यमंत्री सारथी योजना के अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।प्रशिक्षण समाप्ति के बाद 1 महीने तक रोजगार नहीं मिलने पर युवाओं को 1000 तथा युवतियों को ₹1500 प्रतिमाह दिया जाएगा। इस बात की जानकारी श्रम एवं प्रशिक्षण मंत्रालय के मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने विधानसभा में अनुदान मांग पर चर्चा के बाद सरकार की तरफ से दिए गए जवाब में दिया। विपक्ष ने इस जवाब का बहिष्कार किया।बाद में श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग का 9 अरब,85 करोड़,84 लाख, 69 हजार रुपए का अनुदान मांग ध्वनिमत से पारित हो गया ।
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चुनाव के दौरान की थी बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा
2019 इसलिए मैं विधानसभा के चुनाव प्रचार में जगह जगह पर हेमंत सोरेन ने चुनावी सभाओं में बेरोजगारों को रोजगार देने का भरोसा दिया था और जबतक बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिलेगा तबतक उन्हें सरकार की तरफ से बेरोजगारी भत्ता देने की बात की थी।बेरोजगारी भत्ता की बात करते हुए उन्होंने और पी जी पास बेरोजगारों को 7 हजार और स्नातक पास बेरोजगारों को ₹5 हजार रुपए देने की घोषणा की थी। लेकिन सत्ता में आने के बाद ना तो इन्हेंने बेरोजगारों को रोजगार दिया और ना ही बेरोजगारी भत्ता।यहां तक कि निजी क्षेत्र में 75% स्थानीय लोगों को नौकरी देने की बात कहकर जो उन्माद उन्होंने फैलाया था,वह भी पूरी तरह से फ्लॉप हो गया।अब विपक्षी राजनीतिक दल सदन में इसी बात को लेकर सरकार की खिंचाई कर रही है।
2024 के चुनाव पर है निशाना
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन की सरकार ने भले ही 2019 ईस्वी के विधानसभा चुनाव के दौरान लोगों से रोजगार देने और रोजगार न दे पाने की स्थिति में घर बैठे बेरोजगारी भत्ता देने वाले अपने आश्वासनों को पूरा नहीं किया हो, लेकिन अब जब 2024 में झारखंड में विधानसभा और लोकसभा दोनों ही चुनाव होने वाले हैं तो फिर लोगों से नए रूप में समर्थन लेने का प्रयास तो करना ही होगा। इसी के तहत सरकार मुख्यमंत्री सारथी योजना चलाकर बेरोजगार लोगों को प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने और ऐसा न कर पाने की स्थिति में युवाओं को 1000 और युवतियों को 1500 बेरोजगारी भत्ता देने की बात कह रही है। यहां भी हेमंत सोरेन की महा गठबंधन वाली सरकार ने एक चाल चला है , 50% यानी आधी आबादी वाले महिला ग्रुप को 500 रूपए ज्यादा देकर विशेष रुप से अपने साथ जोड़कर चुनावी लाभ लेने का।

