Homeदेशसीएम हेमंत सोरेन दे सकते हैं इस्तीफा,कल्पना सोरेन बन सकती है सीएम 

सीएम हेमंत सोरेन दे सकते हैं इस्तीफा,कल्पना सोरेन बन सकती है सीएम 

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न्यूज़ डेस्क

 मौजूदा समय में राजनीति जिस दौर से गुजर रही है इसमें सबकुछ साफ़ है। हिंडन कुछ भी नहीं। बीजेपी पिछले कई सालों से झामुमो को पाने कब्जे में लेन को बेताब है। बीजेपी को लग रहा है कि हेमंत सोरेन की पार्टी पर दबाव बनाकर ,उसे डराकर ,उसे फंसकर अपने पाले में लाया जा सकता है। कई बात कोशिश भी की गई। कई दफा ऑपरेशन लोटस भी चलाया गया। कई विधायकों को तोड़ने की कोशिश भी की गई लेकिन बीजेपी को सफलता नहीं मिली। अब बीजेपी जाँच एजेंसिययों के जरिए सीएम हेमंत को हंसने की तैयारी कर रही है। मकसद यही है कि हेमंत बीजेपी के जाल में आये और सरेंडर कर जाए। बीजेपी के साथ सरकार चलाये ए आगे भी बीजेपी के साथ ही चुनाव लड़े। लेकिन अब हेमंत को खोने के लिए कुछ भी नहीं है। वह बीजेपी के सारे खेल को समझ रहे हैं।

    सच यही है कि नए साल की शुरुआत के साथ ही झारखंड की सियासत में बड़ी तब्दीली की संभावना ने जोर पकड़ लिया है। ईडी के सातवें एवं आखिरी समन की डेडलाइन 31 दिसंबर, 2023 तक सीएम सोरेन की ओर से कोई जवाब नहीं देने के बाद से राज्य में मुख्यमंत्री बदलने की चर्चा होने लगी है। भाजपा का दावा है कि मुख्यमंत्री सोरेन अपनी पत्नी कल्पना को सीएम बनाने की तैयारी है और इसलिए गांडेय से विधायक डॉ. सरफराज अहमद से इस्तीफा लिया गया है।
हालांकि इस सबर के बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की चर्चा होने लगी है। दरअसल, लोग मान रहे है कि अगर सीएम सोरने को जेल जाना पड़ता है तो वो लालू यादव की तरह सत्ता अपने परिवार के पास रखने की पूरी कोशिश करेंगे।

रांची में जमीन घोटाले की जांच कर रही ईडी ने बीते 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सातवीं बार समन भेजा था। एजेंसी ने इसे आखिरी समन बताते हुए उन्हें सात दिनों के अंदर बयान दर्ज कराने को कहा था। सीएम को भेजे गए पत्र में ईडी ने कहा था कि वे दो दिनों के अंदर यानी 31 दिसंबर तक ऐसी जगह तय करके सूचित करें, जहां उनका बयान दर्ज किया जा सके। 31 दिसंबर तक हेमंत सोरेन ने ईडी के पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। माना जा रहा है कि इसके बाद ईडी उनकी गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाएगी और जांच में असहयोग का हवाला देकर हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के लिए अदालत से वारंट मांग सकती है।

झारखंड के सीएम  हेमंत सोरेन के इस्तीफे की खबरों के बीच इस बात की भी चर्चा है कि जैसे लालू यादव ने चारा घोटाले में जेल जाने के दौरान अपनी सत्ता अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सौंपी उसी तर्ज पर सीएम सोरेन भी ऐसा ही कोई कदम उठा सकते हैं। इस बात को बल तब और मिल जाता है, जब बिना किसी कारण के गांडेय से झामुमो विधायक डॉ. सरफराज अहमद का इस्तीफा कराया जाता है। बता दें कि हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ओडिशा की रहने वाली हैं, ऐसे में उन्हें रिजर्व सीट से नहीं लड़ाया जा सकता है। ऐसे में पार्टी गांडेय सीट को अल्पसंख्यक और आदिवासी बहुल होने के कारण सुरक्षित मान रही है। 

 इन सभी खबरों के बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर पोस्ट लिख सीएम सोरने पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि चारा घोटालेबाज लालू प्रसाद जी के सारे पैंतरे फेल हो गये तो राबड़ी देवी को “खराऊ मुख्यमंत्री” बनाकर लालू जी जेल चले गये। एक के बाद एक सजा हुई। जेल जाते-आते उनकी पूरी उम्र निकल गयी। घपले-घोटाले एवं आदिवासियों की ज़मीन-जायदाद, जल, जंगल, ज़मीन, पहाड़, लूटकर थोड़े समय में ही बेहिसाब धन-दौलत जमा करने की भूख के चलते केश-मुक़दमे में फँसे सोरेन परिवार के एक्सीडेंटल राजकुमार हेमंत सोरेन के सारे पैंतरे फेल हो गये तो वे अब अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाकर खुद जेल जाने की योजना बना रहे हैं।

 हेमंत को पता है कि जितना घोटाला और ग़लत काम वो कर चुके हैं कि अब उनके बाक़ी का जीवन जेल जाने-आने और केस मुकदमों में ही कटेगा।वैसे भी सोरेन परिवार ने सत्ता एवं पार्टी का शीर्ष पद परिवार के लिये ही रिज़र्व रखा हुआ है क्योंकि इन्हें और किसी पर भरोसा नहीं है।

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