रांची (बीरेंद्र कुमार): झारखंड के गढ़वा जिला के रमकंडा प्रखंड मुख्यालय के जन वितरण प्रणाली दुकानदार सुषमा गुप्ता के यहां से लाभार्थियों को वितरित किए गए चावल में प्लास्टिक का चावल होने का दावा किया गया है। राशन लेने वाले लाभार्थियों प्रदीप शाह और गोविंद शाह ने बताया चावल की बारीकी से जांच करने पर राशन में दिए गए चावल में प्लास्टिक का चावल पाया गया। हालांकि प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सब बीडीओ पुष्कर सिंह मुंडा ने राशन दुकान के चावल में प्लास्टिक के चावल मिलने की बात को गलत बताया और कहा कि यह प्लास्टिक का चावल नहीं बल्कि यह पॉलिश युक्त चावल है।
सामान्य चावल से भिन्न है यह चावल
लाभार्थियों ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि राशन की दुकान से वे नियमित रूप से राशन का उठाव करते हैं। लेकिन इस बार राशन में जो चावल मिला उसमें प्लास्टिक वाला चावल मिला हुआ है। इस बार राशन के चावल में प्लास्टिक का चावल होने की चर्चा जोरों पर थी। ऐसे में राशन का चावल उठाव करने के बाद उसे ढंग से छांटा तो इसमें कुछ चावल के दाने सामान्य चावल के दाने से अलग दिखे। चावल के ये दाने प्लास्टिक के थे जिसे राशन के चावल में मिला दिया गया है। प्लास्टिक वाले इस चावल को धोने और उसे बनाने पर भी यह सामान्य चावल से अलग होता है।
हाथों में चिपक रहा है ये चावल
लाभार्थियों सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि प्लास्टिक वाले चावल को जलाने पर उसमें प्लास्टिक के जलने जैसी गंध आती है, इसके अलावा इस चावल से बने भात को दांत से चबाने पर यह दांत में चिपक रहा है ,जबकि सामान्य चावल से बना चावल को चबाने पर वह दांत में चिपकता नहीं है। लाभार्थियों ने बताया कि पूर्व में मिलने वाले राशन में इस तरह का चावल नहीं आता था।
सभी डीलरों के पास पहुंच रहा है इसी तरह का चावल
राशन डीलरों ने बताया कि रामकंडा के राशन गोदाम से प्रखंड के सभी डीलरों के यहां इसी तरह का चावल पहुंचाया जा रहा है। राशन गोदाम में भी इस बात की है कि इस बार का चावल सामान्य चावल से अलग दिखता है। इस बार चावल के 1 बोरी में 200 ग्राम तक यह प्लास्टिक वाला चावल मिला हुआ है।

