बीरेंद्र कुमार झा
दिल्ली में लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात में अगले लोकसभा चुनाव के लिए सीटों पर समझौता होने की सूचना है। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात सकारात्मक कहीं जा रही है। अमित शाह से मुलाकात के बाद चिराग ने पत्रकारों से बात नहीं की ,लेकिन वह मुस्कुराते हुए बाहर आए।सूत्रों के हवाले से जो खबर आ रही है उसमें कहा जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।अगले लोकसभा चुनाव में उनकी सीटें बदल सकती है या फिर उनका पत्ता साफ हो सकता है। बीजेपी ने हाजीपुर लोकसभा सीट पशुपति कुमार पारस को देने की जगह चिराग पासवान की पार्टी को देने की मांग को स्वीकार कर लिया है।ऐसे में कहा जा रहा है कि चुनौती दे रहे चाचा पशुपति कुमार पारस को आखिरकार भतीजे ने मात दे दी है।
बीजेपी ने मानी चिराग पासवान की बात
सूत्रों की माने तो बीजेपी ने चिराग पासवान की सभी मांगों को मान लिया है।कल रात भी बीजेपी के नेताओं ने चिराग पासवान से बात की थी। इससे पहले नित्यानंद राय कई राउंड की बात कर चुके थे। बीजेपी से सीटों पर सहमति बनने के बाद चिराग पासवान को आज अमित शाह ने मिलने के लिए बुलाया।आज दोपहर चिराग पासवान ने अमित शाह से मुलाकात की। इसमें बीजेपी और एलजेपी (रामविलास) के बीच अगले लोकसभा चुनाव को लेकर डील पक्की हो गई है। कहा जा रहा है कि बीजेपी ने साफ कर दिया है कि हाजीपुर लोकसभा सीट चिराग पासवान को ही दी जाएगी। इसके अलावा उनके हिस्से में चार और सीटें दी जाएगी।चिराग पासवान को कुल मिलाकर 5 लोकसभा की सीटें दी जाएगी ।इन सीटों में से 2 सीटें पर वे अपने चाचा के खेमे में गए दो सांसदों को अपना उम्मीदवार बना सकते हैं।
नित्यानंद राय ने की थी दोनों से मुलाकात
पिछले कई दिनों से बीजेपी और चिराग पासवान के बीच बातचीत चल रही थी। बीजेपी की ओर से केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ना सिर्फ चिराग पासवान बल्कि पशुपति पारस से भी बात कर रहे थे। बीजेपी ने पशुपति पारस को कहा था कि वह अपने भतीजे चिराग पासवान से समझौता कर ले,लेकिन पारस ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया था ।उधर चिराग पासवान अड़े थे कि वे चाचा पधुपति पारस की लोकसभा सभा सीट हाजीपुर से चुनाव लड़ेंगे। वे पिछले लोकसभा में मिली सभी सीटें भी मांग रहे थे। चिराग पासवान और नित्यानंद राय की बातचीत से लगाने लगा था कि बीजेपी चिराग पासवान की मांग को लेकर गंभीर है। पशुपति कुमार पारस ने कल जिस प्रकार से नित्यानंद राय को एनडीए की ओर से अधिकृत सदस्य मानने से इनकार किया था,उससे लगने लगा था कि बीजेपी से पारस की दूरी अब बढ़ने जा रही है।
पारस का पत्ता पूरी तरह से साफ
कुछ दिनों बाद नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। इसमें पशुपति कुमार पारस को हटाकर चिराग पासवान को केंद्र में मंत्री बनाया जा सकता है। चिराग को पहले भी मंत्री बनने का ऑफर दिया गया था ,लेकिन उन्होंने यह क्लियर कर दिया था कि जब तक बीजेपी लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग फाइनल नहीं करती है, तब तक वे मंत्री नहीं बनेगे । अब जब सीट शेयरिंग फाइनल हो गया है, तब चिराग के मंत्री बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। नए समीकरण के आधार पर यह माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल से पशुपति कुमार पारस की विदाई अब तय है,उनका एनडीए में रहना भी पूरी तरह से तय नहीं है।
बीजेपी के प्रस्ताव को ठुकरा चुके हैं पशुपति कुमार पारस
सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि बीजेपी पशुपति कुमार पारस के लिए सिर्फ एक सीट छोड़ने को राजी है।उस पर भी संशय बना हुआ है।पारस का हाल यह है उनसे अब तक बीजेपी की किसी बड़ी नेता ने सीटों के तालमेल को लेकर कोई बात नहीं की है। नित्यानंद राय ने उन्हें बीजेपी की तरफ से प्रस्ताव दिया था कि वह चिराग पासवान से समझौता कर लें, लेकिन पारस नहीं माने ।इसके बाद बीजेपी के किसी नेता ने पारस से बात नहीं किया है। इसका मतलब यही है कि बीजेपी पारस को किनारे लगाने का इरादा कर चुकी है।

