कोलकाता (बीरेंद्र कुमार): पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिला में गौ तस्करी मामले में सीबीआई ने छापामारी कर काला धन को सफेद करने का खुलासा किया है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अनुव्रत मंडल ने इन बैंक खातों के जरिए कम से कम ₹10 करोड़ का लेनदेन किया है। सीबीआइ की टीम को बीरभूम जिला के सिउड़ी सहकारी बैंक में छापे की कार्रवाई के बाद इसकी जानकारी मिली है।
गुमनाम तरीके से सिवनी के सहकारिता बैंक में खोले गए खाते
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बैंक में ये खाते गुमनाम तरीके से खोले गए हैं। इस मामले में सीबीआई का कहना है कि अब तक उसे 150 बैंक खातों का पता चला है, जिससे अनुव्रत मंडल का नाम जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसी का कहना है इस खातों के जरिए करीब ₹10 करोड़ का लेनदेन हुआ है। इन खातों का इस्तेमाल ब्लैक मनी को व्हाइट करने के लिए किया गया है।
बेनामी चेक जमा किए गए इन बैंक अकाउंट में
अनुब्रत मंडल की राइस मिलों का चावल बेचने से खाद्य विभाग से जो पैसे आते हैं वह इन खातों में जमा होते हैं। सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि धान को किसानों से कम कीमत पर नगद में खरीदा गया और फिर बिलिंग करके राज्य के खाद्य विभाग को अधिक दाम में बेच दिया गया। सीबीआई के जांच अधिकारियों के अनुसार खाद्य विभाग से प्राप्त चेक उक्त बेनामी खाते में जमा किया गया था।
अलग-अलग बैंक के अकाउंट में हैंडराइटिंग में है हस्ताक्षर
जांच में पता चला है कि सभी 150 खाते अलग-अलग नामों से खोले गए थे जबकि 150 ग्राहकों के हस्ताक्षर लगभग एक जैसे हैं सीबीआई का कहना है इस मामले में जरूरत पड़ी तो फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की भी राय ली जाएगी जांच अधिकारी बैंक के प्रबंधक से पूछताछ करना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि क्या ये खाते काला धन को सफेद करने के लिए खोले गए हैं ? किन-किन लोगों ने यह अकाउंट खुलवाएं हैं?
सीबीआई की छापेमारी से बीरभूम में मची खलबली
सीबीआई का कहना है कि बैंक का अधिकारी जांच में सीबीआई के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं। वे अपराधियों के काला धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं। अगर वे जांच में सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सीबीआई ने कहा कि जितने लोगों के नाम से खाता खोले गए हैं वे सभी अपराधी बन जाएंगे। सीबीआई सूत्रों के अनुसार फिलहाल इन अकाउंट में ट्रांजैक्शन पर रोक लगा दी गई है। इस मामले में नए खुलासे से एक बार फिर बीरभूम जिले में खलबली मच गई है। सीबीआई का कहना है कि जांच में और कई तथ्य सामने आएंगे।

