Delhi Assembly Election 2025: जानें, बुराड़ी विधानसभा सीट के बारे में सबकुछ

0
203

न्यूज डेस्क
राष्ट्रीय राजधानी में सबसे अधिक आबादी वाले और पूर्वांचली बहुल विधानसभा क्षेत्रों में एक बुराड़ी में कई अवैध कॉलोनियां हैं। इस क्षेत्र में अपराध, खराब सड़कें, स्वच्छ पानी एवं सीवरेज व्यवस्था का अभाव प्रमुख मुद्दे हैं। यहां 3,61,703 मतदाताओं में से केवल 1,,60257 महिलाएं हैं। निर्वाचन क्षेत्र का लिंगानुपात 795 है, जो राज्य के बेहद खराब लिंगानुपात 824 से भी बेहद नीचे है।

यहां पर पूर्वाचल (पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार) के लोगों की आबादी लगभग 44 फीसदी है और ये लोग चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 2008 में परिसीमन प्रक्रिया के बाद बुराड़ी विधानसभा सीट के गठन के बाद यहां से 2013 ,2015 और 2020 में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्वांचली उम्मीदवार संजीव झा ने जीत दर्ज की।

परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद 2008 में यहां हुए पहले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के श्रीकृष्ण ने कांग्रेस के दीपक त्यागी को हराया था और इस सीट से पहले विधायक बने थे।

राजधानी क्षेत्र का हिस्सा यह विधानसभा सीट महाभारत काल के खांडेश्वर शिव मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है। मान्यता है कि खांडव प्रस्थ के लिए जाने से पहले अर्जुन ने इसी जगह पर पूजा की थी।

भगवान कृष्ण इस इलाके में अपनी गायों को चराने आते थे। भगवान कृष्ण को लोग मुरारी भी कहते थे। इसी के आधार पर इस जगह का नाम मुरारी पड़ गया। लेकिन मुगलकाल में इस जगह का नाम बदलकर बुराड़ी कर दिया गया। 2018 में एक ही परिवार के 11 लोगों की खुदकुशी के कारण यह इलाका चर्चा में आया था।

आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा के पिछले पांच सालों के कार्यकाल में उपलब्धियों के नाम पर कुछ भी नहीं है। जिन वादों से उन्होंने इस सीट पर पिछले तीन विधानसभा चुनावों से कब्जा किया हुआ है वो वादे आज भी अधूरे ही हैं। बुराड़ी में विकास के नाम पर सरकारी राशि का बंदरबांट किया गया। इलाके की बड़ी आबादी दूषित जलापूर्ति की समस्या से परेशान है, पांच साल तक बच्चे खेल के मैदान के लिए तरसते रहे। बुराड़ी में जाम बड़ी समस्या है, लेकिन इसके निदान के लिए कोई काम नहीं हुआ। परिवहन सुविधाओं का अभाव,सीवर, साफ सफाई यहां की प्रमुख समस्याएं हैं।

दिल्ली को लेकर उदय भारतम् पार्टी का दृष्टिकोण, सिर्फ राजनीति के सहारे विधानसभा और संसद में प्रवेश कर सत्ता सुख प्राप्त करना नहीं है,बल्कि उदय भारतम् पार्टी सही मायने में दिल्ली के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उदय भारतम् पार्टी देश की प्राचीन सनातन सभ्यता के आदर्शों और ज्ञान की पुनर्स्थापना कर भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए एक संपूर्ण क्रांति लाने की पक्षधर है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here