अखिलेश अखिल
सत्तारूढ़ बीजेपी ने इस बार के लोकसभा चुनाव के के लिए यूपी से सभी 80 सीटों को जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बीजेपी का मानना है कि अगर इस लक्ष्य को पा लिया गया तो लोकसभा चुनाव में बीजेपी 400 सीटों को भी जीत सकती है और ऐसा हुआ तो वह राजीव गाँधी के रिकॉर्ड को भी तोड़ सकती है।
1984 में इंदिरा गाँधी की हत्या हो गई थी। इसके बाद राजीव गाँधी के नेतृत्व में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने रिकॉर्ड जीत हासिल की थी और उसे 404 सीटें मिली थी। यूपी में ही कांग्रेस को तब की 85 सीटों में से 82 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। बीजेपी अब इस सूत्र पर काम कर रही है। बीजेपी को लग रहा है कि चुनाव तक राम मंदिर के आयोजन को बड़े स्तर पर जिन्दा रखा जाए ताकि पार्टी को बड़ी जीत हासिल हो सके।
बीजेपी हाईकमान ने कार्यकर्ताओं और राज्य इकाइयों को यह संदेश पहुंचा दिया है कि 400 से ज्यादा लोकसभा सीटों के लिए मेहनत की जाए। पार्टी ने इसके लिए राज्यवार रणनीतियां बनाना भी शुरू कर दिया है। बीजेपी की रणनीतियों के केंद्र में हिन्दी पट्टी का सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश भी है। पार्टी की कोशिश है कि वह इस बार 70 से सांसद जीत कर संसद पहुंचे।
बीजेपी ने अभी तक यह बात कही तो नहीं है लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर यह नजर आ रहा है कि पार्टी तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस रिकॉर्ड को ब्रेक करना चाहती है जब साल 1984 के चुनाव में कांग्रेस को 404 लोकसभा सीटें मिली थीं।
1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की 404 सीटों में उत्तर प्रदेश का अहम योगदान रहा है। बीजेपी को अगर साल 2024 के लोकसभा चुनाव में राजीव गांधी का रिकॉर्ड तोड़ना है तो उसे यूपी से बड़ी संख्या में सीटें जीतक आना होगा। 1984 में संयुक्त उत्तर प्रदेश में कुल 85 लोकसभा सीटें थीं।
हालांकि साल 2000 में उत्तराखंड अलग होने के बाद राज्य में फिलहाल 80 सीटें बचीं। साल 1984 की कुल 85 सीटों में से 67 सामान्य और 18 सीटें एससी के लिए रिजर्व थी। उस चुनाव में महिला और पुरुष को मिलाकर कर कुल 6 करोड़ 23 लाख 35 हजार 43 नागरिकों ने मतदान किया था। यानी कुल 55.81% फीसदी मतदान हुआ था.इस चुनाव में दो सीटें लोकदल और 83 सीटें कांग्रेस ने जीती थीं। तब कांग्रेस को कुल मतदान का 51.03 फीसदी वोट मिला था।
कांग्रेस को उस वक्त देश भर में 49.10 फीसदी वोट मिले और 82.28% सीटों पर उसने जीत दर्ज की थी। 1984 के चुनाव में कांग्रेस ने 491 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। वहीं 0.41 फीसदी सीटों पर उसकी जमानत भी जब्त हो गई थी।
वहीं साल 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो तब पहली बार पूर्ण बहुमत पाने वाली भारतीय जनता पार्टी को यूपी में 80 में से 71 सीटें मिलीं थीं। उस वक्त बीजेपी का वोट प्रतिशत राज्य में 42.63 फीसदी था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के यूपी ग्राफ में गिरावट आई और पार्टी को 62 सीटें ही मिलीं। इस चुनाव में बीजेपी को 49.56 फीसदी वोट मिले।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या साल 1984 के चुनाव में राजीव गांधी की अगुवाई में कांग्रेस ने यूपी में समूचे विपक्ष को सिर्फ 2 सीटों पर सिमटा दिया था।

