- बीरेंद्र कुमार झा
बिहार विधान परिषद में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। 5 सीटों पर हुए चुनाव के परिणाम आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने जेडीयू से यह ओहदा छीन लिया है। सदन में अब बीजेपी के कुल 25 सदस्य हो गए हैं।इस घटना को सत्ताधारी महागठबंधन को मिले एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है। विधानसभा में सबसे बड़े दल का ओहदा गंवाने के बाद विधान परिषद में सबसे बड़े दल के रूप में काबिज होना, बीजेपी के लिए एक अतिरिक्त उपलब्धि के रूप में गिनी जाएगी।
सम्राट चौधरी का बढ़ा कद
विधान परिषद में सबसे बड़े दल के रूप में बीजेपी का आना, सदन में पार्टी नेता और प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद 4 सीटों पर हुए चुनाव एवं एक सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम में बीजेपी की सीट बढ़ी है, जबकि जेडीयू ने सीटें गंवाई है। इस परिणाम के बाद सदन और पार्टी में उनका कद और बड़ा तथा मजबूत होगा।
उसी से जेडीयू को मिली राहत
प्राप्त जानकारी के अनुसार मगध की शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दो बार से विधान पार्षद रहे जेडीयू के संजीव श्याम सिंह चुनाव हार गए हैं ,उन्हें बीजेपी के जीवन कुमार ने हरा दिया है। वही मगध के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के अवधेश नारायण सिंह फिर से चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं उन्होंने आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे पुनीत सिंह को हरा दिया है। वहीं कोशी से जेडीयू को राहत मिली है जेडीयू के संजीव कुमार कोशी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से फिर से जीतने में सफल रहे हैं।
जेडीयू 23 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर
इसी प्रकार सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व एमएलसी केदारनाथ पांडे के बेटे पुष्कर आनंद को जनसुराज्य पार्टी के समर्थित उम्मीदवार आफातब अहमद ने हरा दिया है, जबकि सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के वीरेंद्र यादव ने फिर से जीत दर्ज की है इस रिजल्ट के बाद बीजेपी विधान परिषद में 25 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन गई है ,जबकि नीतीश कि जेडीयू सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है।
आरजेडी का नहीं खुला खाता
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के इस चुनाव में अब तक जेडीयू के खाते में 3 एमएलसी सीट थी, जबकि एक सीट सीपीएम के पास थी, वहीं बीजेपी के पास सिर्फ एक सीट,गया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की थी। इस चुनाव के बाद बीजेपी ने 2 सीटों पर जीत हासिल करने में सफलता प्राप्त की वहीं प्रशांत किशोर की जनसुराज समर्थित एक उम्मीदवार ने जीत हासिल कर ली। इनसब में जेडीयू सिर्फ 2 सीट ही बचा पाई, जबकि आरजेडी का खाता भी नहीं खुला।

