अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका, इंसुलिन की मांग व डॉक्टर से परामर्श वाली याचिका खारिज

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इन दिनों जब से अरविन्द केजरीवाल ईडी के हाथों गिरफ्तार होकर पहले ईडी के कस्टडी में रहे और अब तिहाड़ जेल में रह रहे हैं तब आए दिन लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के किसी न किसी कोर्ट में या तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के द्वारा दाखिल या नहीं तो फिर उनके पार्टी के नेता विधायक या समर्थकों द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई हो रही होती है।आज सोमवार को अरविंद द्वारा दिल्ली के एक कोर्ट में दायर याचिका जिसमें जेल अधिकारियों को उन्हें इंसुलिन देने का निर्देश देने और उनकी हाई शुगर लेवल को देखते हुए प्रतिदिन 15 मिनट के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनके निजी डॉक्टर से परामर्श लेने की अनुमति देने की मांग की गई थी,पर सुनवाई हुई। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनके इंसुलिन देने की मांग करने वाली और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से निजी डॉक्टर से परामर्श लेने की बात करने वाली दोनों ही मांगों को खारिज कर अरविंद केजरीवाल को तगड़ा झटका दिया।

एम्स के चिकित्सकों द्वारा गठित होगी चिकित्सीय जांच कमिटी

कोर्ट ने सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की चिकित्सकीय जांच करने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है। बोर्ड यह तय करेगा कि केजरीवाल के खून में शुगर लेवल को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन की जरूरत है या नहीं।साथ ही बोर्ड उनके स्वास्थ्य संबंधी अन्य पहलुओं पर भी गौर करेगा।सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो)और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) मामलों की विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत ने केजरीवाल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस की मदद से अपने चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए दाखिल अर्जी को खारिज करते हुए यह आदेश सुनाया।

ईडी के समन के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई 15 मई को

दिल्ली हाईकोर्ट ने आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जारी समन को चुनौती देने वाली उनकी याचिकाओं पर सुनवाई सोमवार को 15 मई के लिए सूचीबद्ध कर दी है।

केजरीवाल को राहत देने की मांग वाली याचिका खारिज, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए असाधारण अंतरिम जमानत का अनुरोध करने वाली जनहित याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया।इसके साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता, कानून की पढ़ाई करने वाले छात्र पर 75000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोड़ा की पीठ ने कहा, यह याचिका उचित विचार करके दायर नहीं की गई और अदालत उच्च पद पर आसीन किसी व्यक्ति को असाधारण अंतरिम जमानत नहीं दे सकती।कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, याचिकाकर्ता कॉलेज में कक्षा में जाता है? ऐसा लगता है कि वह कानून के सिद्धांतों का पालन नहीं कर रहा।कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आप कौन हैं? आप अपने आप के बारे में ज्यादा ही बढ़ा-चढ़ाकर सोच रहे हैं।

तिहाड़ जेल में बंद हैं अरविंद केजरीवाल

गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था।जिसके बाद उन्हें पहले ईडी के रिमांड पर फिर बाद में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया। फिलहाल 23 अप्रैल तक केजरीवाल तिहाड़ जेल में ही बंद रहेंगे।

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