अखिलेश अखिल
क्या बांग्लादेश में जो हो रहा है उसके पीछे पाकिस्तान और आईएसआई का हाथ है ?ये बाते इसलिए कही जा रही है कि बांग्लादेश में जिस तरह के आंदोलन चल रहे हैं ठीक वैसे ही आंदोलन बांग्लादेश की आजादी के समय यानी 1971 में भी देखे गए थे।
आज की हालत यह है कि बांग्ला देश की प्रधानमंत्री छात्रों के हिंसक आंदोलन के चलते अपने पद से इस्तीफा देकर सेना के हेलीकाप्टर से देश को छोड़ दिया है। सत्ताधारी आवामी लीग के लिए यह सबसे मुश्किल का दौर हो गया है।
उधर, प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को राजधानी ढाका में रैली करने की योजना तैयार की है। इससे पहले देश में हिंसा भड़कने से कई लोगों की मौत हो गई। इस बीच बांग्लादेश में सेना ने कर्फ्यू लगाया है और अधिकारियों ने अशांति को नियंत्रित करने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है।बाटा दें ीुस उग्र प्रदर्शन में तीन सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ो लोग घायल भी हो गए हैं। प्रदर्शन हर रोज तीब्र ही होते जा रहा है।
दरअसल, प्रदर्शनकारी छात्र विवादित आरक्षण प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसके तहत बांग्लादेश के लिए वर्ष 1971 में आजादी की लड़ाई लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्रामियों के परिवारों के लिए 30 प्रतिशत सरकारी नौकरियां आरक्षित की गईं हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का तर्क है कि मौजूदा आरक्षण के नियमों का फायदा शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग से जुड़े लोगों को मिल रहा है। इसे लेकर प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त किया है। सरकार ने बांग्लादेश में स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का फैसला लिया। इसके बाद भी सरकार देश में फैली अशांति को नियंत्रित करने में विफल साबित हुई।
उधर, आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी प्रदर्शनकारी नाखुश नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि स्वतंत्रता संग्रामियों परिजनों को सरकारी नौकरियों में दिया जाने वाला आरक्षण पूरी तरह से खत्म होना चाहिए।
बांग्लादेश की सेना के पूर्व प्रमुख इकबाल करीम ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ उठाए गए कदमों को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की है। इस बीच मौजूदा सेना प्रमुख ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है और इस वजह से देश में दंगों की आग और भी अधिक भड़क गई।
अब सवाल यह है कि क्या बांग्लादेश में हिंसा के पीछे पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी, इंटर सर्विस इंटेलीजेंस यानी आईएसआई का हाथ है? बताया गया है कि बांग्लादेश में ‘छात्र शिविर’ नाम के छात्र संगठन ने हिंसा को भड़काने का काम किया है।
यह छात्र संगठन बांग्लादेश में प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी की शाखा है। बताया जाता है कि जमात-ए-इस्लामी को पाकिस्तान की आईएसआई का समर्थन प्राप्त है। उधर, बांग्लादेश सरकार इस बात का पता कर रही है कि क्या मौजूदा स्थिति में आईएसआई ने भी हस्तक्षेप किया है।

