बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा और दीपूचंद्र दास की बर्बर हत्या के विरोध में देश भर में प्रदर्शन जारी हैं।पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ‘बंगीय हिंदू जागरण’ के बैनर तले ‘हिंदू हुंकार पदयात्रा’ निकाली गयी थी। सियालदह से बांग्लादेश उप-उच्चायोग कार्यालय जाने के लिए निकले इस मार्च को पुलिस ने बेकबागान में ही रोक दिया। इससे पदयात्रा निकाल रहे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा।हाथों में भगवा झंडा थामे लोगों ने बांग्लादेश के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और दीपूचंद्र दास को न्याय दिलाने की मांग की।उन्होंने बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की तस्वीर को जलाकर अपना विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों ने ‘हिंदू-हिंदू, भाई-भाई’, ‘बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा’ सुनिश्चित करने संबंधी नारे लगाये। बांग्लादेश में 18 दिसंबर को कपड़े की एक फैक्ट्री में काम करने वाले 25 वर्षीय दीपूचंद्र दास को मैमनसिंह के बालुका में ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। बाद में पेट्रोल डालकर उसे जला दिया था।
प्रदर्शनकारियों ने दीपूचंद्र दास की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।उधर, प्रशासन ने बांग्लादेश के खिलाफ पश्चिम बंगाल में लोगों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए कोलकाता में बांग्लादेश के उप-उच्चायोग कार्यालय के पास भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया है।
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