Akshaya Tritiya 2026: सनातन परंपरा में अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और फलदायी दिन माना जाता है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर पड़ने वाला यह पर्व इस बार 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं।
अबूझ मुहूर्त का दिन, बिना सोचे करें शुभ काम
अक्षय तृतीया को “अबूझ मुहूर्त” कहा जाता है। यानी इस दिन किसी भी मांगलिक कार्य के लिए अलग से शुभ समय देखने की जरूरत नहीं होती। विवाह, गृह प्रवेश, खरीदारी या नया काम शुरू करना—हर कार्य इस दिन शुभ फल देता है।
सिर्फ खरीदारी नहीं, इन कामों से बढ़ेगा सौभाग्य
अक्सर लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदने को ही सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं, लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह दिन दान, जप और पुण्य कार्यों के लिए भी बेहद खास होता है। सही तरीके से किए गए कार्य जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता लाते हैं।
सुबह की शुरुआत ऐसे करें
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना शुभ माना जाता है। स्नान के जल में गंगाजल मिलाना और मन को शुद्ध रखना विशेष फलदायी माना जाता है।
भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा का महत्व
स्नान के बाद मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि इस दिन उनकी पूजा करने से धन, वैभव और सुख की प्राप्ति होती है।
इन चीजों का भोग लगाने से मिलेगा विशेष फल
अक्षय तृतीया पर भगवान को सत्तू, ककड़ी, चने की दाल और मौसमी फल अर्पित करना शुभ माना जाता है। यह प्रसाद समृद्धि और शांति का प्रतीक माना जाता है।
दान-पुण्य से मिलता है अक्षय फल
इस दिन अन्न, जल, वस्त्र और धन का दान करना अत्यंत पुण्यदायी होता है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फल देता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
खरीदारी के लिए सबसे शुभ दिन
अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। इसके अलावा भूमि, वाहन, नए कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान और खेती से जुड़े उपकरण खरीदना भी लाभकारी माना जाता है। पीतल और कांसे के बर्तन खरीदना भी इस दिन शुभ संकेत देता है।
घर की सफाई और सजावट भी जरूरी
इस दिन घर की साफ-सफाई और सजावट करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि का आगमन माना जाता है।

