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आखिर बीजेपी आलाकमान ने क्यों कहा कि मिशन साउथ को कामयाब करने के लिए कर्नाटक जीतना जरूरी है

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न्यूज डेस्क
बगावत और भीतरघात से कर्नाटक में जूझ रही बीजेपी ने अपने नेताओं को साफ साफ कह दिया है कि अगर मिशन साउथ को कामयाब रखना है तो कर्नाटक का चुनाव जीतना जरूरी है । अगर पार्टी के लोग इस पर अमल नहीं करते हैं तो दक्षिण यह गढ़ तो ढह जी जायेगा , आगे की राजनीति भी प्रभावित होगी।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के टॉप थ्री नेताओं में से एक दिग्गज नेता और चुनावी रणनीतिकार ने उम्मीदवारों की घोषणा हो जाने के बाद हाल ही में कर्नाटक बीजेपी नेताओं और चुनावी मिशन में लगे नेताओं की उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट तौर पर पार्टी आलाकमान की सोच से अवगत कराते हुए यह बता दिया कि इस वर्ष के अंत तक होने वाले पड़ोसी राज्य तेलंगाना में के. चन्द्रशेखर राव की सरकार को हराने के लिए बीजेपी का कर्नाटक जीतना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह साफ तौर पर कहा कि पार्टी के मिशन साउथ को देखते हुए कर्नाटक का यह चुनाव ‘अति महत्वपूर्ण’ हो गया है ।

पार्टी के सूत्रों की मानें तो सिटिंग विधायकों के टिकट काटने के पार्टी के फैसले को पूरी तरह से उचित ठहराते हुए इन दिग्गज नेता ने बैठक में यह भी कहा कि कुछ सिटिंग विधायकों का टिकट काटना बहुत जरूरी था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस बार कर्नाटक का यह चुनाव जीत गए तो फिर बीजेपी के लिए दक्षिण का रास्ता स्थायी तौर पर हमेशा के लिए खुल जाएगा। और हम चूक गए तो आगे की राजनीति प्रभावित होगी । ऐसे में पार्टी के सभी लोगों को कर्नाटक की जीत सुनिश्चित करने की जरूरत है।

गौरतलब है कि दक्षिण भारत के राज्यों में कर्नाटक को बीजेपी के लिए सबसे मजबूत राज्य माना जाता है, जहां वो पहले भी कई बार सरकार बना चुकी है और अभी भी राज्य की सत्ता में है। अगले वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी के लिए कर्नाटक के साथ-साथ दक्षिण भारत के अन्य राज्य- तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश काफी महत्वपूर्ण हो गए हैं।

गौरतलब है कि दक्षिण भारत के कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुड्डुचेरी में मिलाकर लोकसभा की कुल 130 सीटें हैं, जिनमें से बीजेपी के पास फिलहाल 29 सीटें ही हैं और इसमें से भी 25 सीटें उसे अकेले कर्नाटक से ही मिली हैं, जबकि तेलंगाना से उसके पास चार सांसद है। यही वजह है कि पार्टी कर्नाटक के गढ़ को मजबूत बनाए रखने के साथ ही दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी पार्टी का खाता खोलने की पुरजोर कोशिश कर रही है।

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