न्यूज़ डेस्क
मध्यप्रदेश के बालाघाट से पूर्व सांसद कंकर मुंजारे इलाके के बड़े नेताओं में शुमार हैं और वे चुनावी राजनीति में अक्सर सुचिता नौर नैतिकत की बात करते रहे हैं। इस बार वे बसपा से उम्मीदवार हैं लेकिन उनकी पत्नी इसी इलाके से कांग्रेस की विधायक है।
उन्होंने यह चाहा था कि पत्नी अनुभा मुंजारे भी उनके साथ बसपा में चली आये लेकिन ऐसा संभव नहीं हुआ। फिर मुंजारे ने अपने घर को ही छोड़ दिया और अब एक खेत में उनका पड़ाव लगा हुआ है। वही से चुनाव प्रचार कर रहे हैं और बालाघाट की राजनीति में विपक्ष को भारी चुनौती भी दे रहे हैं।
कहानी यही है कि बालाघाट के पूर्व सांसद और बसपा के लोकसभा प्रत्याशी कंकर मुंजारे ने 5 अप्रैल को अपना घर छोड़ दिया। वह लोकसभा चुनाव तक बालाघाट की कांग्रेस विधायक पत्नी अनुभा मुंजारे से अलग एक खेत में रहने चले गये हैं।
पहले उन्होंने अनुभा को घर छोड़कर जाने को कहा था, लेकिन अनुभा ने यह कहते हुए जाने से मना कर दिया कि “मेरी डोली इसी घर में आई है और अर्थी भी यहीं से निकलेगी”।
पूर्व सांसद ने अपने वाहन में अपना सामान रखकर अपने घर को 19 अप्रैल तक के लिए अलविदा कह दिया। वह बालाघाट से सात किलोमीटर दूर गांगुलपारा के पास खेत में पेड़ के नीचे मचान लगाकर रह रहे हैं और वहीं से चुनाव का संचालन कर रहे हैं। वह विगत कई दिनों से विधायक पत्नी द्वारा कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी के समर्थन में किये जा रहे चुनावी प्रचार से खासे नाराज थे।
मुंजारे ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में वह भी प्रत्याशी हैं, ऐसे में एक ही घर में दो अलग-अलग पार्टियों के चुनावी कार्यक्रम तय नहीं हो सकते। पहले तो उन्होंने पत्नी को घर छोड़ने के लिए कहा, लेकिन उनके साफ-साफ मना करने के बाद बसपा प्रत्याशी को झुकना पड़ा।
कंकर मुंजारे ने कहा कि वह सिद्धातों पर चलने वाले नेता हैं, जो कहते हैं, करके दिखाते हैं। उन्होंने बताया कि वह 4 अप्रैल को ही चले जाते, लेकिन अनुभा मुंजारे कहीं बाहर गई थीं। उन्होंने कहा कि राजनीति में साफ-सुथरापन होना आवश्यक है।

