भारत में बदलती लाइफस्टाइल के चलते कई बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, उनमें से एक बीमारी है फैटी लिवर। अनुमान है कि देश के करीब 38 प्रतिशत एडल्ट नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज से प्रभावित हो सकते हैं। चिंता की बात यह है कि यह बीमारी अक्सर बिना किसी साफ लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती रहती है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी के मुताबिक, फैटी लिवर की पक्की जांच अल्ट्रासाउंड या लिवर फंक्शन टेस्ट से ही होती है, लेकिन कुछ शुरुआती संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें लोग घर पर भी महसूस कर सकते हैं।
फैटी लिवर से जुड़ी थकान सामान्य कमजोरी जैसी नहीं होती। इसमें भरपूर आराम के बाद भी शरीर में ऊर्जा की कमी बनी रहती है।लिवर शरीर में पोषक तत्वों को ऊर्जा में बदलने का काम करता है, लेकिन जब उसमें चर्बी जमा होने लगती है, तो यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है। नतीजतन दिनभर भारीपन, सुस्ती और थकावट महसूस हो सकती है। अक्सर लोग इसे तनाव या ज्यादा काम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन जब यह रोज़मर्रा की बात बन जाए, तो सतर्क होना जरूरी है।
फैटी लिवर का एक अहम संकेत है कमर और पेट के आसपास चर्बी का बढ़ना। कई बार व्यक्ति बाहर से दुबला-पतला दिखता है, लेकिन कमर का साइज धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। डॉ. सेठी बताते हैं कि लिवर और अंदरूनी अंगों के आसपास जमा चर्बी, त्वचा के नीचे जमा फैट से कहीं ज्यादा खतरनाक होती है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस और खराब मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़ी होती है, जो फैटी लिवर की शुरुआती चेतावनी मानी जाती है।
पेट के दाहिने हिस्से में, पसलियों के नीचे कभी-कभार होने वाला भारीपन या हल्का दर्द भी संकेत हो सकता है। यह दर्द अक्सर तेज नहीं होता, बल्कि दबाव, जकड़न या भरे-भरेपन जैसा महसूस होता है।चूंकि लिवर शरीर के दाहिने हिस्से में होता है, इसलिए ऐसी परेशानी अगर थकान और वजन बढ़ने के साथ दिखे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
फैटी लिवर का सीधा संबंध इंसुलिन रेजिस्टेंस से होता है, जिसमें शरीर की सेल्स इंसुलिन पर ठीक से रियक्शन नहीं करतीं।इसके संकेत रोजमर्रा की जिंदगी में नजर आ सकते हैं, जैसे खाने के थोड़ी देर बाद फिर भूख लगना, अचानक एनर्जी गिर जाना, या गर्दन और बगल के आसपास त्वचा का काला पड़ना। ये लक्षण अक्सर डायबिटीज से पहले ही दिखाई देने लगते हैं।
जब लिवर चर्बी और टॉक्सिन्स को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता, तो पाचन से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं।हल्की मितली, थोड़ा-सा खाने पर पेट भरा-भरा लगना या खाने में मन न लगना इसके संकेत हो सकते हैं। डॉ. सेठी के अनुसार, ऐसा लिवर की कमजोर होती कार्यक्षमता के कारण होता है।समय के साथ पाचन तंत्र का संतुलन बिगड़ने लगता है, जो भले ही तुरंत गंभीर न लगे, लेकिन किसी गहरी समस्या की ओर इशारा करता है।
