बिहार प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बोली बीजेपी। राम के बाद माता सीता की धरती पर बनेगी सुशासन की सरकार।

0
390

राम की नगरी उत्तर प्रदेश में सुशासन स्थापित हो चुका है। अब माता सीता की नगरी सीतामढ़ी यानि बिहार में भी सुशासन की सरकार बनेगी। इसका शंखनाद हो चुका है।यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दरभंगा के लहरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के आखिरी दिन यह बात कही।

यू पी में भी थी पहले जंगल राज।

केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी के हालात की चर्चा करते हुए कहा कि वहां भी पहले जंगलराज था, अपराधियों का बोलबाला था। लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। कोई भी उद्योगपति वहां निवेश करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था।जब से वहां बीजेपी के नेतृत्व में सरकार बनी है, वहां का पूरा परिदृश्य ही बदल गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि एवं सबकी निस्वार्थ भाव से सेवा कर सम्यक विकास ने हमें लोक सभा में 10 सीट से 70 सीट तक पहुंचा दिया।हमारे खिलाफ सारे दल एक गठबंधन में आ गए, लेकिन जनता ने सब को सबक सिखाते हुए इतिहास रच कर कमल खिला दिया । बिहार की स्थिति भी उत्तर प्रदेश से अधिक भिन्न नहीं है। विशेषकर जब से नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ गए हैं, जंगलराज फिर से कायम हो गया है।लोग डर से यहां आना नहीं चाहते हैं

 

केंद्र की भेजे जाने वाली राशि का होता है दुरुपयोग।

यह सरकार विकास को रोक रही है। केंद्र के खजाने से पूरे बिहार सहित दरभंगा के लिए जो राशि भेजी जाती है, उनमें प्रावधान डाल रही है किसानों की मांग जायज होने के बावजूद उन पर लाठीचार्ज किया जाता है। शराबबंदी कानून कागज पर तो बना दिया गया, लेकिन इसे लागू करने के लिए जरूरी पहल नहीं किए गए।आज बिहार के हालत फिर से चिंताजनक हो गए हैं। बिहार की औद्योगिक उन्नति के प्रति प्रदेश सरकार की गैर संवेदनशीलता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि हम लोगों ने यूपी में 10 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा था, लेकिन आज 20 लाख करोड़ निवेश का प्रस्ताव आ चुका है।यह सुशासन की वजह से हुआ है।

बिहार में बीजेपी की सरकार बनेगी तो बिहार का रुका विकास पकड़ेगा रफ्तार।

बिहार में अब बीजेपी के नेतृत्व में सुशासन की सरकार बनेगी तो निश्चित रूप से गुजरात की तर्ज पर मोदी मॉडल के साथ यहां भी विकास होगा। इसका प्रमाण लोकसभा चुनाव से ही मिलेगा। अबकी बार 400 पार का संकल्प लिया गया है, जिसे हम सब मिलकर साकार करेंगे। हालांकि बिहार की तीन उपचुनाव में से दो में कमल खिला कर यहां की जनता ने इसके स्पष्ट संकेत पहले ही दे दिए हैं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here