क्या लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन जिन्दा है ?

0
416


न्यूज़ डेस्क 

लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन के जिन्दा होने के दावे से एक बार सनसनी फ़ैल गई है। यह दावा वर्ल्ड कन्फेडरेशन ऑफ़ तमिल के अध्यक्ष पी नेदुमरान ने  किया है। उन्होंने तंजावुर में दावा किया है कि लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन ज़िंदा हैं। बता दें ही प्रभाकरन की मौत 2009 में श्रीलंका में एक ऑपरेशन के दौरान हो गई थी। बाद में प्रभाकरन के सहयोगी रहे  अंतर्राष्ट्रीय मामले के प्रमुख सेल्वरसा पथमानाथन ने भी बीबीसी को बताया था कि प्रभाकरन की मौत हो चुकी है।        

     नेदुमारन ने कहा, “मैं पुष्टि कर सकता हूं कि तमिल नेशनल लीडर प्रभाकरण जिंदा हैं। मैं यह खुलासा प्रभाकरन के परिवार की सहमति से कर रहा हूं। लिट्टे प्रमुख जीवित और स्वस्थ हैं। महिंदा राजपक्षे के खिलाफ सिंहली विरोध और अंतरराष्ट्रीय स्थिति के संदर्भ में लिट्टे नेता के लिए खुलकर सामने आने का समय आ गया है। वह जल्द ही सामने आएंगे और तमिलों के बेहतर जीवन के लिए नई योजना की घोषणा करेंगे। इस घोषणा से उनकी मृत्यु के बारे में ‘अफवाहों’ पर विराम लगना चाहिए।”
    बता दें कि श्रीलंकाई सरकार के खिलाफ लंबे समय तक गोरिल्ला युद्ध लड़ने वाले वेलुपिल्लई प्रभाकरन किसी की नजर में आतंकवादी हैं, तो किसी के लिए स्वतंत्रता सेनानी और जननायक। तमिल राष्ट्रवादियों का एक गुट आज भी उन्हें एक महान योद्धा मानता है।
           बता दें कि प्रभाकरन का मकसद श्रीलंका के उत्तर और पूर्व में एक स्वतंत्र तमिल राज्य बनाना था। इसके लिए प्रभाकरन के नेतृत्व में लिट्टे ने 25 साल से अधिक समय तक श्रीलंका की सरकार से युद्ध लड़ा। लिट्टे का आरोप था कि सिंहली-प्रभुत्व वाली श्रीलंकाई सरकार और वहां के बहुसंख्यक सिंहल नागरिक तमिलों के साथ भेदभाव करते हैं। इसी भावना से उपजी नाराजगी ने साल 1976 में लिट्टे  का रूप लिया था।
               साल 2009 में श्रीलंका की सेना ने तस्वीरें जारी कर बताया था कि लिट्टे नेता प्रभाकरण मार दिए गए हैं। सेना ने दावा किया था कि प्रभाकरन भागने की कोशिश के दौरान मारे गए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here