किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी एक आम लेकिन बेहद दर्दनाक समस्या है। जिन लोगों को यह होती है, वे अक्सर बताते हैं कि इसका दर्द सबसे ज्यादा तकलीफ देने वाला होता है।यह न सिर्फ रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता है, बल्कि कई बार अस्पताल तक जाने की नौबत भी आ जाती है। आंकड़ों के मुताबिक, काफी बड़ी संख्या में लोग जीवन में कभी न कभी इस समस्या का सामना करते हैं और कई मामलों में यह दोबारा भी हो सकती है।
इस मामले में डॉक्टर हमेशा ज्यादा पानी पीने की सलाह देते हैं। माना जाता है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से यूरिन पतला रहता है, जिससे मिनरल्स आपस में चिपककर पथरी नहीं बना पाते।लेकिन समस्या यह है कि ज्यादातर लोग इस आदत को लंबे समय तक बनाए नहीं रख पाते हैं।इसी बात को समझने के लिए हाल ही में एक बड़ी स्टडी की गई, जिसे Urinary Stone Disease Research Network ने संचालित किया और Duke Clinical Research Institute ने कोऑर्डिनेट किया।यह रिसर्च प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल The Lancet में प्रकाशित हुई, जिससे इसकी विश्वसनीयता और भी बढ़ जाती है।
इस स्टडी में अमेरिका के छह बड़े मेडिकल सेंटर से कुल 1,658 लोगों को शामिल किया गया, जिनमें किशोर और वयस्क दोनों थे।रिसर्च का मकसद यह जानना था कि क्या लोगों को ज्यादा पानी पीने के लिए खास तरीके से मोटिवेट करने पर किडनी स्टोन को दोबारा बनने से रोका जा सकता है।प्रतिभागियों को दो ग्रुप में बांटा गया।एक ग्रुप को सामान्य सलाह दी गई, जबकि दूसरे ग्रुप को एक खास “हाइड्रेशन प्रोग्राम” में शामिल किया गया। इस प्रोग्राम के तहत स्मार्ट बोतल, रिमाइंडर मैसेज, पर्सनल टारगेट और कोचिंग जैसी सुविधाएं दी गईं, ताकि लोग ज्यादा पानी पी सकें।
करीब दो साल तक चले इस अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने इस प्रोग्राम को फॉलो किया, उन्होंने पानी पीने की मात्रा जरूर बढ़ाई। लेकिन यह बढ़ोतरी इतनी नहीं थी कि किडनी स्टोन के दोबारा बनने के खतरे को पूरी तरह कम किया जा सके। रिसर्चर्स का कहना है कि असली चुनौती लोगों का लंबे समय तक इस आदत को बनाए रखना है। भले ही लोग फायदे जानते हों और उन्हें सपोर्ट भी मिले, फिर भी रोजाना ज्यादा पानी पीना आसान नहीं होता। इसके अलावा, यह भी सामने आया कि हर व्यक्ति के लिए एक जैसा टारगेट सही नहीं हो सकता। शरीर की बनावट, लाइफस्टाइल, मौसम और हेल्थ कंडीशन जैसे कई फैक्टर यह तय करते हैं कि किसी को कितनी मात्रा में पानी की जरूरत है।

