Homeदेशअसली न्याय कहां मिलता है, CJI सूर्यकांत ने एक लाइन में बता...

असली न्याय कहां मिलता है, CJI सूर्यकांत ने एक लाइन में बता दिया

Published on

#CJI #SuryaKant #explanation# oneline #real #justice i

देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने दिल्ली बार काउंसिल में आयोजित एक सम्मान समारोह को संबोधित किया। दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सीजेआई सूर्यकांत ने जिला न्यायपालिका ( District Courts ) की अहमियत पर जोर देते हुए युवा और भावी एडवोकेट्स को बड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा-हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में जाने से पहले युवा एडवोकेट्स को जिला न्यायपालिका में ही अपने वकालत की शुरुआत करनी चाहिए।

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा-युवा वकीलों में यह गलत धारणा है कि नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) या इसी तरह के किसी महत्वपूर्ण विधि विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्हें हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में ही वकालत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय पेशेवर संस्कृति को विकसित करने के केंद्र हैं जो विधि पेशे की नींव को मजबूत करते हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आगे कहा-युवा वकीलों और भावी वकीलों को हमें यह प्रोत्साहित करना चाहिए कि वे सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट जाने से पहले कुछ समय के लिए जिला न्यायालयों में वकालत करने के महत्व को समझें।

अपने कानूनी पेशे के शुरुआती वर्षों को याद करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि वे एक प्रमुख वरिष्ठ सिविल वकील के कार्यालय में शामिल होने के लिए भाग्यशाली थे, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने याचिकाएं, वाद पत्र, हलफनामे आदि तैयार करने की कला सीखी। इसमें जिरह और मुख्य गवाहों की जांच की तैयारी भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में मिली सफलता जिला न्यायालय में उनके अनुभव के कारण है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि एक वर्ष की जूनियरशिप के बाद मैंने स्वतंत्र रूप से वकालत करने का निर्णय लिया, लेकिन जिला न्यायालयों में विकसित कौशल के कारण कई वरिष्ठ वकीलों ने उनसे अपनी याचिकाएं तैयार करने का अनुरोध किया।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि असली न्याय जमीनी स्तर की अदालतों में ही निहित है, क्योंकि किसी मुवक्किल का पहला सामना तब होता है जब वह अपने अधिकारों को लागू करवाने के लिए जिला अदालतों में जाता है। उन्होंने कहा कि जिला अदालतें अपीलीय मंचों के बराबर, बल्कि उनसे कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, क्योंकि यहीं पर कानून वास्तविक और तात्कालिक रूप लेता है और मानवीय नजरिये को अपनाता है।

सीजेआई सूर्यकांत ने जिला अदालतों की तुलना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से करते हुए कहा-यदि किसी वादी का इलाज इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संतोषजनक ढंग से हो जाता है, तो मुझे यकीन है कि उसे बड़े अस्पतालों में ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं होगी। निश्चित रूप से उसे किसी ट्राउमा सेंटर जाने की भी जरूरत नहीं होगी।

CJI सूर्यकांत ने कहा कि प्रौद्योगिकी की प्रगति के साथ, जिला न्यायालयों में गवाहों से जिरह करने की कला लुप्त होती जा रही है। उन्होंने वरिष्ठ वकीलों से अपील की कि वे अपने कौशल जूनियर वकीलों को सिखाएं।

Latest articles

घुसपैठियों को जमीन देकर देश को खतरे में डाला’प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर हमला

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के कोकराझार जिले में...

LPG संकट पर ‘सरकार दे रही जवाब , लेकिन विपक्ष लोकसभा में  सुनने को तैयार नहीं’

लोकसभा में LPG और संभावित ऊर्जा संकट के मुद्दे पर चर्चा के दौरान केंद्रीय...

घर बैठे चेक कर सकते हैं LPG सिलेंडर बुकिंग का स्टेटस, जानें आसान तरीका

इन दिनों सिलेंडर की कमी से जुड़ी खबरें प्रमुखता से सामने आ रही हैं।ऐसे...

कोलेस्ट्रॉल रिपोर्ट नॉर्मल, फिर भी हार्ट अटैक का खतरा? सावधान! यह हो सकता है कारण 

हार्ट की सेहत की बात होती है तो आमतौर पर लोग एलडीएल, एचडीएल और...

More like this

घुसपैठियों को जमीन देकर देश को खतरे में डाला’प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर हमला

  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के कोकराझार जिले में...

LPG संकट पर ‘सरकार दे रही जवाब , लेकिन विपक्ष लोकसभा में  सुनने को तैयार नहीं’

लोकसभा में LPG और संभावित ऊर्जा संकट के मुद्दे पर चर्चा के दौरान केंद्रीय...

घर बैठे चेक कर सकते हैं LPG सिलेंडर बुकिंग का स्टेटस, जानें आसान तरीका

इन दिनों सिलेंडर की कमी से जुड़ी खबरें प्रमुखता से सामने आ रही हैं।ऐसे...