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पेट क्यों निकल रहा है? सिर्फ खाने-पीने से नहीं, इन 4 वजहों से भी बढ़ता है Belly Fat

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आज कल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में लोग अपनी सेहत का सही ढंग से ख्‍याल नहीं रख पा रहे हैं। इससे जहां मोटापे की समस्‍या बढ़ती जा रही है। वहीं दूसरी ओर डायब‍िटीज और द‍िल की बीमार‍ियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। वजन बढ़ने की बात करें तो ये ज‍ितनी आसानी से बढ़ जाता है, इसे कम करना उतना ही मुश्किल होता है। बेली फैट तो आपके पूरे लुक को ब‍िगाड़ देता है।

इससे छुटकारा पाने के ल‍िए लोग न जाने कौन-कौन से तरीके अपनाते हैं। कोई घंटों ज‍िम में जाकर पसीना बहाता है तो कुछ लोग कई तरह की डाइट रूटीन फॉलो करते हैं। लेक‍िन क्‍या आपने कभी सोचा है क‍ि बैली फैट क्‍यों बढ़ता है? हाल ही में डॉ. आलोक चोपड़ा (एमडी, एमबीबीएस, कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी और फंक्शनल मेडिसिन) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट शेयर कि‍या है।

उस पोस्‍ट में डॉक्‍टर ने बताया कि पेट की चर्बी इंड‍ियंस में बहुत आम हो गई है। लोग इसे सामान्य मानकर जी रहे हैं। डॉक्‍टर ने बेली फैट बढ़ने की वजह भी बताई है। इसमें कई कारक जिम्मेवार है।

कार्बोहाइड्रेट्स ज्‍यादा लेने के कारक के बारे में डॉक्‍टर ने अपने वीड‍ियो में बताया है क‍ि हम सुबह ब्रेड खाते हैं, दोपहर को चावल और रात में रोटी। यानी पूरे दिन हमारे शरीर में कार्बोहाइड्रेट इकट्ठा हो जाता है। शरीर में जब ज्‍यादा कार्बोहाइड्रेट जाते हैं तो वो ग्लूकोज में बदल जाते हैं। अगर ये ग्लूकोज एनर्जी बनकर खर्च नहीं होता तो फैट बन जाता है। ये फैट पेट के आसपास जमने लगता है।

स्‍ट्रेस और नींद की कमी वाले कारक पर विचार करें तो काम के बोझ और नींद की कमी से शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) नाम का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाता है। कोर्टिसोल न केवल बेचैनी बढ़ाता है, बल्कि शरीर को फैट जमा करने का संकेत भी देता है, खासकर पेट के पास। यही वजह है कि नींद की कमी और तनाव से जूझ रहे लोगों में मोटापे की समस्‍या देखने को मिलती है।

आराम से टहलना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन ये विसरल फैट (visceral fat) यानी पेट के अंदर जमा खतरनाक फैट को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं होता है। फैट कम करने के लिए जरूरी है कि दिल की धड़कन तेज करने वाली एक्सरसाइज करें। जैसे तेज वॉक करना, जॉगिंग या साइकिल चलाना। ज‍ितना पसीना न‍िकलेगा, उतनी ही तेजी से वजन कम भी होगा।

प्रोसेस्ड फूड और फास्ट फूड जैसे कारकों पर विचार करें तो पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड्स से फाइबर निकल जाता है और इनमें रिफाइंड अनाज होते हैं। ये डाइजेशन को धीमा करते हैं। इसके अलावा डेयरी प्रोडक्‍ट्स को ज्‍यादा खाने से शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। इसके ल‍िए डाइट में फाइबर से भरपूर फलों और सब्‍ज‍ियाें को जरूर शाम‍िल करें। ये डाइजेशन को बेहतर बनाएंगे और बैली फैट को भी कम करेंगे।

कई बार बैली फैट जेनेट‍िक भी होता है। लेक‍िन सही डाइट, एक्सरसाइज करने और तनाव न लेने से भी बैली फैट को कम कि‍या जा स‍कता है। रोजाना 40 म‍िनट की एक्‍सरसाइज जरूरी है।

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