न्यूज डेस्क
यूट्यूब ने हाल ही में अपनी मोनिटाइजेशन पॉलिसी में एक महत्वपूर्ण अपडेट की घोषणा की है, जिससे छोटे क्रिएटर्स को अपने कंटेंट से पैसा कमाना आसान हो गया है।दरअसरल यूट्यब अपने यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम (YPP) के तहत मोनेटाइजेशन पॉलिसी में लोगों को कुछ ढील दे रहा है। अब चैनल को मोनेटाइज करने के लिए केवल 500 सब्सक्राइबर और 3000 घंटे के वॉच ऑवर की जरूरत होगी।
इसके अलावा, आपको हर महीने भी ढेरों वीडियो डालने की जरूरत नहीं होगी। यूट्यूब की नई पॉलिसी के मुताबिक अब केवल पिछले 90 दिनों में 3 ही वीडियो डाल कर पैसा कमाया जा सकता है। एक साल में 3000 वॉचिंग के घंटे या 90 दिनों में 30 लाख शॉर्ट्स व्यू तो भी कमाई की जा सकेगी।इस क्राइटेरिया को पास करने के बाद यूजर का अकाउंट YPP के तहत मोनेटाइजेशन के लिए रेडी हो जाएगा। इसके बाद यूजर को कंपनी के थैंक्स, सुपर चैट, सुपर स्टीकर और सब्सक्रिप्शन टूल्स का इस्तेमाल करने की अनुमति होगी। बता दें ये नियम पहले और कड़े थे।
ये है नई मोनेटाइजेशन पॉलिसी
यूट्यूब की नई एलिजिबिलिटी पॉलिसी के तहत, 500 सब्सक्राइबर और 1 साल में 3,000 घंटे वॉच टाइम या 90 दिनों में 30 लाख शॉर्ट्स व्यू वाले क्रिएटर्स भी यूट्यूब पार्टनरशिप प्रोग्राम (YPP) में शामिल हो पाएंगे।पहले 1,000 सब्सक्राइबर और 1 साल में 4,000 घंटे वॉच टाइम या 90 दिनों के भीतर 1 करोड़ शॉर्ट्स व्यू वाले क्रिएटर्स ही YPP में शामिल हो पाते थे। नई एलिजिबिलिटी को पूरा करने वाले क्रिएटर्स YPP के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इन देशों में लागू हो रही है नई पॉलिसी
यूट्यूब अभी अपने इस नए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा,ताइवान और दक्षिण कोरिया में लागू कर रही है। कंपनी बाद में इसे अन्य देशों में रोल आउट करेगी, जहां YPP उपलब्ध है। अमेरिका में तो यूट्यूब अपने शॉपिंग एफिलिएट पायलट प्रोग्राम का भी विस्तार कर रही है। इसके तहत पहले से ही YPP का हिस्सा और 20,000 से अधिक सब्सक्राइबर्स वाले क्रिएटर्स भी अब अपने वीडियो और शॉर्ट्स में प्रोडक्ट्स को टैग कर और कमीशन पा सकेंगे।
इस पॉलिसी में भी किया बदलाव
यूट्यूब ने अपनी एक अन्य पुरानी पॉलिसी में भी बदलाव किया है। पहले किसी भी वीडियो के शुरुआती 15 सेकंड में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर वीडियो को नियमों के खिलाफ माना जाता था। यह नियम पहले से अपलोड किए गए वीडियो पर भी लागू होता था। अब कंपनी ने नई पॉलिसी के तहत समय सीमा को घटाकर 7 सेकंड कर दिया है और साथ ही म्यूजिक में अभद्र शब्दों के इस्तेमाल की छूट दी है।
मोनेटाइजेशन टूल पर कंपनी का ध्यान
गूगल के स्वामित्व वाली कंपनी शॉर्ट्स क्रिएटर्स के लिए नए मोनेटाइजेशन टूल पेश करने की तरफ ध्यान दे रही है। फरवरी में यूट्यूब ने शॉर्ट्स पर भी क्रिएटर्स के साथ विज्ञापन रेवेन्यू शेयर करना शुरू किया। 2022 की चौथी तिमाही की अर्निंग कॉल के दौरान कंपनी ने कहा कि शॉर्ट्स ने प्रतिदिन 5,000 करोड़ व्यूज पार कर लिए हैं। पिछले अक्टूबर में मेटा ने कहा कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर रील्स के 14,000 करोड़ रोजाना व्यू थे।
