आयुर्वेदिक दवाएं बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी डाबर इंडिया अब बहुत जल्द मसाला भी बेचेगी. कंपनी ने बादशाह मसाला में मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीद ली है. बादशाह मसाला में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के साथ ही डाबर अब एफएमसीजी सेक्टर में उतरने जा रही है.
आयुर्वेदिक दवाओं और खान-पान सेक्टर में कंपनी को बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद से तगड़ी टक्कर मिली है. वहीं एफएमसीजी सेक्टर में भी पतंजलि तेजी से आगे बढ़ रही है. डाबर के इस अधिग्रहण को पतंजलि से प्रतिस्पर्धा करने वाला कदम माना जा रहा है. हाल ही में पतंजलि ने रुचि सोया का अधिग्रहण करने के बाद अपने पूरे फूड बिजनेस को एक करके पतंजलि फूड कंपनी बनाने का ऐलान भी किया था.
बड़ा है बादशाह मसाला का कारोबार
बादशाह मसाला पिसे हुए मसालों की मैन्यूफैक्चरिंग, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट करता है. इसमें कंपनी सिंगल टाइप मसाले, मसालों के ब्लेंड और सीजनिंग इत्यादि का काम करती है. डाबर इंडिया ने बताया कि 2 जनवरी 2023 से ‘बादशाह मसाला प्राइवेट लिमिटेड’ अब उसकी एक सब्सिडियरी कंपनी होगी.
5 साल में खरीदेगा बची 49% हिस्सेदारी
बादशाह मसाला के अधिग्रहण के साथ डाबर इंडिया ब्रांडेड मसालों के कारोबार में उतर गई है. भारत में ब्रांडेड मसालों का कारोबार 25,000 करोड़ रुपये है. डाबर इंडिया कंपनी की बची हुई 49 प्रतिशत हिस्सेदारी अगले 5 सालों में अधिग्रहण करेगा.
बादशाह मसाला के मैनेजिंग डायरेक्टर हेमंत झावेरी का कहना है कि डाबर से कंपनी को भविष्य में वृद्धि करने में मदद मिलेगी. ये कंपनी को और मजबूत बनाएगा. दोनों कंपनियां एक दूसरे के लिए फिट हैं.
