अखिलेश अखिल
बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकता की कहानी कहां तक पहुंचेगी और उसके परिणाम क्या होंगे यह तो बाद की बात है लेकिन पिछले चार दिनों से जिस तेजी से इस एकता को लेकर नेताओं की मुलाकात हो रही है वह बीजेपी के लिए कुछ ठीक नहीं। इस विपक्षी गोलबंदी का एक ही मकसद है कि अगले चुनाव में बीजेपी को कैसे मात दिया जाए। गुरूवार को इस दिशा में कई काम हुए। कई लोगों से मुलाकात भी हुई।
खड़गे और राहुल गाँधी ने शरद पवार से मुलाकात की और फिर मीडिया के सामने आकर सभी ने कहा कि हम सब एक हैं और देश ,संविधान और संविधानिक संस्थाओं को बचाने के लिए हम मिलकर काम करेंगे। पवार की हामी बहुत कुछ कह गई। पिछले कई दिनों से यह कहानी आगे बढ़ रही थी कि पवार शायद बीजेपी के साथ चले जाए। पवार और उनके भतीजे अजित पवार के कुछ बयान और बीजेपी नेताओं के साथ हो रही बातचीत से ऐसा लग रहा था कि महाराष्ट्र में एमवीए में भी टूट होगी। लेकिन कल की मुलाकात के बाद सारे कयास ख़त्म हो गए। सच तो यही है कि पवार अब विपक्षी एकता के साथ हैं और आगे की रणनीति बनाने का वह काम भी करेंगे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी दिल्ली यात्रा के तीसरे दिन वामपंथी नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से वे बुधवार को मिले थे और उसी दिन उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की थी। उसके अगले दिन यानी गुरुवार को नीतीश कुमार सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई के नेता डी राजा से मिले। गौरतलब है कि नीतीश कुमार विपक्षी नेताओं के साथ मिल कर लोकसभा चुनाव की साझा रणनीति और गठबंधन बनाने पर काम कर रहे है।
नीतीश कुमार ने गुरुवार को पहले सीपीआई के महासचिव डी राजा से मुलाकात की। मुलाकात के बाद डी राजा ने कहा- नीतीश कुमार जो धर्मनिरपेक्ष दलों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं हम उसका समर्थन देने के लिए आए हैं। यह उनका बहुत ही अच्छा प्रयास है। हमारी कोशिश है कि किसी भी तरह आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हटाया जाए। उन्होंने कहा- 2024 में कौन लीडर होगा? किसकी अगुवाई में चुनाव लड़ा जाएगा? यह फिलहाल मुद्दा नहीं है। जब इसके बाद सारी पार्टी एक साथ मिलकर बैठेंगे, तब तय कर लिया जाएगा।
बाद में सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी नीतीश से मुलाकात की। उन्होंने कहा- हमारी पार्टी और वामपंथी पार्टी का हमेशा से रुझान रहा है कि जितनी भी जनवादी पार्टियां हैं, सबको इकट्ठा होने की जरूरत है। आज देश को, संविधान को, लोकतंत्र को बचाना है, इसके लिए 2024 के चुनाव में बीजेपी को हराना है। उन्होंने कहा- बाकी पार्टियों से भी बातचीत हो रही है और अब यह प्रोसेस काफी तेजी पकड़ रहा है और यह आगे बढ़ेगा।
सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने नीतीश से मुलाकात के बाद कहा- हर राज्य में अलग-अलग समझौता होगा, रणनीति उसी हिसाब से बनेगी। केरल में हमारा कांग्रेस के साथ मुकाबला है, वहां बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत सकती है। उन्होंने कहा- सीट का एडजस्टमेंट स्टेट लेवल पर होगा, हर जगह की अलग परिस्थितियां रहती है। जितनी सारी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां हैं, सबका उद्देश्य एक ही है बीजेपी को हराना है।

