कर्नाटक चुनाव : सर्वे में दिखा बीजेपी के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर ,कांग्रेस को पूर्ण बहुमत के अनुमान

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न्यूज़ डेस्क

चुनाव आयोग ने कर्नाटक विधान सभा चुनाव कराने की तारीखों का जैसे ही ऐलान किया उसके तुरंत बाद एबीपी -सीवोटर ने एक सर्वे का खुलासा कर बीजेपी को टेंशन में ला दिया। सर्वे ने बताया है कि कर्नाटक में मौजूदा बोम्मई सरकार के खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोधी लहर है। इस सर्वे में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलने के अनुमान लगाए गए हैं। इस सर्वे में कर्नाटक की 224 में अधिकतर सीटों पर कांग्रेस के जीत की बात कही गई। सर्वे के खुलासे के बाद बीजेपी की परेशानी बढ़ गई है। बीजेपी के लिए कर्नाटक में सत्ता बचाये रखने की चुनौती है। अगर बीजेपी के हाथ से कर्नाटक निकलता है तो उसे दक्षिण की विस्तारवादी नीति को झटका लग सकता है। कर्नाटक में चुनाव दस मई को होने हैं।


57 प्रतिशत लोग सरकार बदलना चाहते हैं

सर्वेक्षण के अनुसार, कम से कम 57 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वह परेशान हैं और वर्तमान राज्य सरकार को बदलना चाहते हैं। चुनावी राज्य में बेरोजगारी और बुनियादी ढांचे के बाद भ्रष्टाचार तीसरा सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। एबीपी-सीवोटर सर्वेक्षण के अनुसार, 50.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बीजेपी सरकार के प्रदर्शन को ‘खराब’ बताया है। इसके विपरीत, केवल 27.7 प्रतिशत ने इसे ‘अच्छा’ और अन्य 21.8 प्रतिशत ने ‘औसत’ के रूप में प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।


सीएम बोम्मई से लोग नाराज

एबीपी-सीवोटर सर्वेक्षण ने कर्नाटक में 25,000 उत्तरदाताओं के साथ बातचीत की। इस सर्वे में बीजेपी के लिए और भी बुरी खबर है। मुख्यमंत्री की बात करें तो संभावित मतदाताओं में से 46.9 प्रतिशत ने मौजूदा मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के प्रदर्शन को ‘खराब’ बताया, जबकि सिर्फ 26.8 फीसदी ने उनके प्रदर्शन को ‘अच्छा’ बताया। उसी सर्वेक्षण में, काफी अधिक अनुपात (39.1 प्रतिशत) ने कांग्रेस नेता सिद्धारमैया को अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना, जबकि 31.1 प्रतिशत ने बोम्मई को चुना।

कांग्रेस का वोट शेयर 40.1 फीसदी होने का अनुमान

एबीपी-सीवोटर ने जबरदस्त सत्ता-विरोधी लहर के बीच कांग्रेस को 115 और 127 सीटों के बीच दिया हैं, जो 224-सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में आरामदायक बहुमत है। सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस का वोट शेयर 2018 के 38 फीसदी से बढ़कर इस बार 40.1 फीसदी हो सकता है। सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि पार्टी कर्नाटक के सभी क्षेत्रों में प्रतिद्वंद्वियों बीजेपी और जेडीएस से आगे चल रही है। यहां तक कि पुराने मैसूर क्षेत्र में भी, जो जेडीएस का गढ़ रहा है, कांग्रेस के अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे निकलने का अनुमान है, जबकि बीजेपी के इस क्षेत्र में बहुत खराब प्रदर्शन करने का अनुमान है।

एबीपी-सीवोटर ने विधानसभा चुनाव से पहले 2022 के अंत में गुजरात में इसी तरह का जनमत सर्वेक्षण कराया था, जिसमें लगभग 42 प्रतिशत मतदाताओं ने बीजेपी सरकार के प्रदर्शन को ‘अच्छा’ बताया था जबकि 32 प्रतिशत ने इसे ‘खराब’ बताया था। हिमाचल प्रदेश में भी, जहां बीजेपी कांग्रेस से हारकर सत्ता से बाहर हो गई है, संभावित मतदाताओं में से 38.6 प्रतिशत ने राज्य सरकार के प्रदर्शन को ‘अच्छा’ और 36.4 प्रतिशत ने इसे ‘खराब’ बताया था।

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