शूर्पणखा विवाद: पीएम मोदी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगी रेणुका चौधरी!

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न्यूज़ डेस्क
घटिया राजनीति का यह अमृतकाल है। आज राजनीति के नाम पर जो होता दिख रहा है ,कभी देखा नहीं गया। सत्ता का अहंकार दलों के साथ ही इंसान को कितना गिरा देता है ,मौजूदा राजनीति उसकी बानगी है। यहां अब बदले की राजनीति ही कुलांचे मारती है और इस कुलांचे में जनता के सारे सरोकार दफ़न के दिए जाते हैं। देश की मौजूदा समस्या से न तो सत्ता पक्ष को कुछ लेना है और नहीं विपक्ष की कोई भूमिका दिख रही है। राजनीति केवल इस बात की हो रही है कि कौन किससे बड़ा है और किसकी महत्ता जनता के बीच है।

राहुल गाँधी को सरनेम मामले में गुजरात की एक अदालत ने जैसे ही दो साल की सजा सुनाई है ,राजनीति बदले की भावना भी ज्यादा ही बदलती जा रही है। अब कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी मैदान में उतरती नजर आ रही है। वह पीएम मोदी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि राज्य सभा में एक बार पीएम मोदी ने उन्हें शूर्पणखा तक कहा था। मैं चुप रह गई क्योंकि राजनीति में अकसर कई तरह के कमेंट किये जाते हैं लेकिन अब तो इस सरकार ने हद की सभी सीमाएं पार कर गई है। राहुल गाँधी को जिस तरह से सजा दी गई है एक मिशाल है। आज तक मानहानि के मामले में इस तरह की कहानी देखने को नहीं मिलती है।

रेणुका ने एक ट्वीट में लिखा- ‘इस क्लासलेस अहंकारी ने मुझे राज्यसभा में शूर्पणखा कहा था। मैं उसके खिलाफ मानहानि का केस करूंगी। अब देखेंगे कि अदालतें कितनी तेजी से एक्शन लेंगी।’

रेणुका का यह बयान तब आया है, जब 2019 के मोदी सरनेम से जुड़े मानहानि केस में सूरत की कोर्ट ने राहुल गांधी को 2 साल की सजा और जुर्माना लगाया है। रेणुका ने अपने ट्वीट में वीडियो क्लिप भी शेयर की है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 105 के तहत सांसदों को सदन में बोलने पर कुछ विशेषाधिकार दिए गए हैं। इसके मुताबिक सांसद को सदन में भाषण, किसी बयान या किए गए काम के लिए कानूनी कार्रवाई से छूट दी गई है। उदाहरण के लिए सदन में दिए गए बयान के लिए मानहानि का मुकदमा दायर नहीं किया जा सकता है। यानी अगर रेणुका चौधरी चाहें तो भी PM मोदी के खिलाफ मानहानि का केस नहीं कर सकतीं।

7 फरवरी 2018 में राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर पीएम मोदी अपना पक्ष रख रहे थे। मोदी जब राज्यसभा में आधार स्कीम पर बोल रहे थे, तब रेणुका चौधरी काफी तेज आवाज में हंसने लगीं। इस बीच तत्कालीन सभापति वेंकैया नायडू ने उन्हें टोका।इस पर पीएम मोदी ने कहा- ‘सभापति जी आपसे मेरी विनती है कि रेणुका जी को कुछ मत कहिए। रामायण सीरियल के बाद ऐसी हंसी सुनने का सौभाग्य आज मिला है।’

विवाद उस वक्त बढ़ गया, जब किरेन रिजिजू ने पीएम के साथ शूर्पणखा का वीडियो शेयर किया था, जिस पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज जताते हुए माफी की मांग की थी। रेणुका ने पूछा था- जब मेरी तुलना शूर्पणखा से हुई थी तब मीडिया कहां थी। हालांकि कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रेणुका के दावे को झूठा बताया था और कहा था कि PM मोदी ने उन्हें शूर्पणखा कभी नहीं कहा।

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