भारत में भूकंप :क्या तुर्किये में भूकंप की भविष्यवाणी करने वाले फ्रैंक हूगरबिट्स की भविष्यवाणी सच निकली

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अखिलेश अखिल 
भूकंप कब और कहाँ आ जाए यह कौन जनता है ! कोई इसका अनुमान भी भी तो नहीं लगा सकता। इसकी भविष्यवाणी भी तो नहीं की जा सकती। ठगी के इस बाजार में ठग बाबा और फ़क़ीर इंसान के भाग्य की भविष्यवाणी तो कर जाते हैं लेकिन भूकंप की भविष्यवाणी कोई नहीं करता। प्रकृति का यह खेल चलता रहता है लेकिन किसी का इस पर कोई जोर नहीं। प्रकृति ही तो परमात्मा है। फिर इसकी लीला कौन जाने ! सूर्य ,चन्द्रमा ,आकाश ,धरती ,हवा और समंदर की व्याख्या वैज्ञानिक तरीके से तो की जा सकती है लेकिन उनकी माया को कौन परिभाषित कर सकता है ? गृह नक्षत्रो के खेल को कौन जनता है ? लेकिन एक डच वैज्ञानिक फ्रैंक हूगरबीट्स ने गृह नक्षत्रो के अध्ययन के बाद भूकंप की जो भविष्यवाणी की थी वह सच के करीब है। पिछले महीने तुर्किये में आये भूकंप की उन्होंने भविष्यवाणी की थी और चार दिन बाद ही भूकंप आया और हजारों लोगो की जाने चली गई। लाखों घर तबाह हुए और अरबो की संपत्ति नष्ट हो गई। तुर्किये के पुनर्निर्माण में अब सालो लग जायेंगे।

इधर बीती रात करीब दस बजकर 19 मिनट पर भारत समेत कई पडोसी देशों में भूकंप की थर्राहट ने सबको डरा दिया।  करीब मिनट भर तक सब कुछ कांपता रहा। लोग घर से बाहर भागे। मोह माया छोड़कर केवल जाने बचाने की परवाह रह गई थी। भूकंप की  माप भी कोई कम नहीं थी। कहा गया कि 7.7 का भूकंप था जो काफी जानलेवा था। लेकिन ईश्वर की कृपा की भारत में कोई अशुभ नहीं हुआ। पकिस्तान भी इस भूकंप की जद  में था और अफगानिस्तान भी। अब उस डच शोधकर्ता की याद आने लगी है और उनकी की हुई भविष्यवाणी पर चर्चा भी होने लगी है। तुर्किये और सीरिया में भयंकर भूकंप आने के बाद फ्रैंक ने एशियाई देशों में भूकंप आने की बात कही थी। हूगरबीट्स ने कहा था कि तुर्किये और सीरिया के बाद अब एशिया के देश भयंकर भूकंप का सामना कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि आने वाला भूकंप अफगानिस्तान से शुरू होगा और पाकिस्तान ,भारत को पार करते हुए हिन्द महासागर में समाप्त हो जाएगा।  बीती रात जो भूकंप आये हैं उसका केंद्र भी अफगानिस्तान में ही था। रिचर स्केल पर यह काफी विनाशकारी भूकंप था। आगे क्या होगा कोई नहीं जनता। लेकिन इतना साफ़ है कि फ्रैंक की भविष्यवाणी सच थी और संभव है कि धरती के भीतर बहुत कुछ ऐसा हो भी रहा है जो ऊपर से दिखता नहीं है। इसलिए फ्रैंक के मुताबिक हमें बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है।

होगरबीट्स एक वीडिओ में कहते सुने जा रहे हैं कि हम वायुमंडलीय उतर चढ़ाव को देखें तो भारत बढ़ी हुई भूकम्पीय गतिविधि के लिए अगला शिकार हो सकता है। हलाकि उन्होंने कहा कि यह सब एक मोटा अनुमान ही है क्योंकि कोई भी बड़े भूकंप पर्यावरण में अपना पदचिन्ह नहीं छोड़ते हैं और न ही वे अपनी घोषणा ही करते हैं। फ्रैंक ने कहा था कि वे गृह नक्षत्र और सौर मंडल की गतिविधियों और जयमिति सूचकांक के आधार पर भूकंप की भविष्यवाणी करते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत भी गृह नक्षत्रों पर काम करता है और भारत चाहे तो उसके साथ अपने विचारो को आदान प्रदान कर सकते हैं।

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