SSR 2027: भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी मतदाता सूची को अपडेट करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। आयोग ने 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि मानते हुए छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कराने का निर्देश जारी किया है। इस प्रक्रिया के जरिए पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे और सूची में मौजूद गलतियों को सुधारने का अवसर मिलेगा।
इन 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगी प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के आदेश के मुताबिक, SSR का आयोजन निम्नलिखित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया जाएगा:
- अरुणाचल प्रदेश
- चंडीगढ़
- दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव
- मिजोरम
- ओडिशा
- सिक्किम
इस अभियान में उन युवाओं को भी मतदाता बनने का अवसर मिलेगा, जो 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे। इसके अलावा 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को 18 साल के होने वाले युवा भी पहले से आवेदन कर सकेंगे, ताकि पात्रता की तारीख आने पर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
कुछ राज्यों में बाद में घोषित होगा कार्यक्रम
आयोग ने बताया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया जारी है या पूरी हो चुकी है, वहां SSR का कार्यक्रम अलग से घोषित किया जाएगा। इस श्रेणी में आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की स्थिति को देखते हुए पुनरीक्षण का कार्यक्रम बाद में तय किया जाएगा।
कब आएगी ड्राफ्ट और फाइनल वोटर लिस्ट? देखें पूरा कैलेंडर
निर्वाचन आयोग ने SSR के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम भी तय किया है। इसके तहत सबसे पहले मतदान केंद्रों का युक्तिकरण किया जाएगा। इसके बाद मतदाता सूची का मसौदा जारी होगा और नागरिकों को दावे तथा आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिलेगा।
- प्रक्रिया
- निर्धारित तारीख
- पोलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण
- 20 नवंबर 2026 तक
- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन
- 30 नवंबर 2026
- दावे और आपत्तियां
- 30 नवंबर से 30 दिसंबर 2026
- फाइनल वोटर लिस्ट
- 21 जनवरी 2027
अधिकारियों को चुनाव आयोग के सख्त निर्देश
मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने संबंधित अधिकारियों को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत मतदाता सूची तैयार करने के काम में लगे अधिकारियों को चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति पर माना जाएगा। मुख्य सचिवों को निर्देश दिया गया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पद खाली न रहें।
इसके अलावा, SSR की अवधि के दौरान आयोग की अनुमति के बिना संबंधित अधिकारियों का तबादला नहीं किया जा सकेगा। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से छूटने न पाए और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न रहे।

