Turkey Foreign Minister Statement: पाकिस्तान के साथ मिलकर तुर्की की बड़ी तैयारी? भारत का नाम लेकर हाकान फिदान ने दिया बड़ा बयान

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Mecca Defense Pact: पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच हुए मक्का डिफेंस पैक्ट को लेकर तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने भारत का नाम लेते हुए टिप्पणी की है। एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत और ग्रीस जैसे देश इस समझौते को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जबकि आने वाले समय में यह एक प्रभावशाली और गेम-चेंजिंग मंच बन सकता है।

फिदान के मुताबिक, कुछ देशों और मीडिया में इस गठबंधन को लेकर हो रही आलोचना और कथित गलत सूचनाएं इसकी अहमियत को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि समझौते पर करीब तीन महीने पहले हस्ताक्षर हुए हैं और इसकी प्रगति से विरोधी देशों की चिंताएं भी सामने आती हैं।

भारत को चर्चा में लाने पर पूर्व विदेश सचिव ने जताई आपत्ति

तुर्की के विदेश मंत्री की टिप्पणी पर भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवर सिबल ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भारत ने मक्का डिफेंस पैक्ट की आलोचना नहीं की है। भारत की चिंता तुर्की और पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा संबंधों तथा उनसे राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर है।

सिबल ने कहा कि किसी गंभीर विषय पर इस तरह की टिप्पणी करना कूटनीतिक रूप से उचित नहीं है और तुर्की के विदेश मंत्री को अपने बयान में भारत को शामिल करने की जरूरत नहीं थी।

क्या है मक्का डिफेंस पैक्ट?

इस समझौते के तहत किसी एक सदस्य देश पर हमला होने की स्थिति को सभी सदस्य देशों पर हमले के रूप में देखा जाएगा। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने इस प्रावधान को समझौते की प्रमुख विशेषता के तौर पर पेश किया है।

हालांकि, सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच इस समझौते की व्यावहारिक प्रभावशीलता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। खबर के मुताबिक, पाकिस्तान और तुर्की ने शुरुआत में सऊदी अरब के समर्थन में बयान दिए और बाद में सीमित सैन्य सहायता भी उपलब्ध कराई। लेकिन दोनों देश यमन युद्ध में अपनी सेनाएं भेजने से इनकार कर चुके हैं।

दोनों देशों ने इस समझौते को रक्षात्मक करार दिया है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि मक्का डिफेंस पैक्ट भविष्य में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में कितनी प्रभावी भूमिका निभाता है।

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