Rahul Gandhi Rally: दिल्ली के व्यापारियों की राहुल गांधी को चुनौती, 20 मिनट में बताएं रैली से कारोबार को क्या फायदा!

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Rahul Gandhi Rally: कांग्रेस के इंडिया गठबंधन की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली से पहले व्यापारियों ने राहुल गांधी के सामने एक नई मांग रखी है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) का कहना है कि यदि राहुल गांधी यह समझा दें कि रैली से ग्राहकों की संख्या और कारोबार कैसे बढ़ेगा, तो व्यापारी अपना विरोध वापस लेकर कार्यक्रम का स्वागत कर सकते हैं। वहीं, व्यापार पर नुकसान की आशंका साबित होने पर संगठन ने रैली को दिवाली के बाद कराने की मांग की है।

राहुल गांधी से 20 मिनट की मुलाकात की मांग

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर 20 मिनट का समय मांगा है। इस बैठक में रामलीला मैदान के आसपास के 20 प्रमुख बाजारों के व्यापारी शामिल होना चाहते हैं। संगठन के मुताबिक, व्यापारियों का सवाल है कि रैली में जुटने वाली करीब 10 लाख लोगों की भीड़ से स्थानीय कारोबार को किस तरह फायदा पहुंचेगा।

CTI ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि व्यापारी टकराव नहीं, बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं। संगठन का कहना है कि राहुल गांधी व्यापारियों की चिंताओं का जवाब दें और यदि रैली से कारोबार को लाभ होने की बात स्पष्ट होती है, तो वे अपना विरोध वापस ले लेंगे।

राहुल गांधी पहले ही दे चुके हैं जवाब

यह मांग ऐसे समय आई है, जब राहुल गांधी ने संकेत दिया था कि व्यापारियों की चिंताओं के बावजूद रैली तय कार्यक्रम के मुताबिक आयोजित की जाएगी। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा था कि उन्होंने दिल्ली के व्यापारियों की परेशानी सुनी है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की थी कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटा दें, तो विरोध प्रदर्शन 30 सेकंड में खत्म हो सकता है।

इन बाजारों पर पड़ सकता है असर

CTI के अनुसार, रामलीला मैदान से करीब एक से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित कई प्रमुख बाजारों में कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। इनमें चांदनी चौक, सदर बाजार, भागीरथ पैलेस, खारी बावली, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, करोल बाग, दरियागंज, पहाड़गंज, जामा मस्जिद-मीना बाजार, गफ्फार मार्केट और लाजपत राय मार्केट समेत कई बाजार शामिल हैं।

अब व्यापारियों की मांग है कि रैली से पहले उनकी चिंताओं पर बातचीत हो, ताकि कारोबार और राजनीतिक कार्यक्रम—दोनों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

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