Neha Bora Press Conference: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामे की स्थिति बन गई। गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में आंदोलन से जुड़ी प्रमुख चेहरों में शामिल नेहा बोरा जब अपनी बात रख रही थीं, तभी कुछ लोगों की ओर से विरोध में नारे लगाए जाने की बात सामने आई। मौके पर मौजूद लोगों को कथित तौर पर ‘बंद करो’ और ‘दफा हो जाओ’ जैसे नारे लगाते सुना गया। इसके बाद नेहा बोरा ने आयोजकों से हंगामा कर रहे लोगों को कार्यक्रम से बाहर करने के लिए कहा।
पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी का मुद्दा उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेहा बोरा ने उन पत्रकारों के प्रति समर्थन जताया, जिन्हें कथित तौर पर प्रदर्शन की कवरेज के दौरान हिरासत में लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कार्ड होने के बावजूद कुछ मीडिया संस्थानों के रिपोर्टर्स के साथ मारपीट की गई और उन्हें कई घंटों तक हिरासत में रखा गया।
नेहा के मुताबिक, कुछ पत्रकारों के कैमरे भी छीन लिए गए और उन्हें विरोध-प्रदर्शन की रिपोर्टिंग नहीं करने की चेतावनी दी गई। उन्होंने महिला पत्रकारों के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामलों का भी जिक्र किया और इस तरह की घटनाओं पर सवाल उठाए।
‘न्याय मांगने वालों को बनाया जा रहा निशाना’
नेहा बोरा ने दावा किया कि एक महिला पत्रकार जब शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास पहुंचीं, तो उनके खिलाफ ही जवाबी प्राथमिकी यानी काउंटर एफआईआर दर्ज कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बजाय न्याय की मांग करने वाले नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन केवल किसी एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग अपने मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। नेहा ने दिल्ली के जंतर-मंतर, मुंबई के शिवाजी पार्क और फ्रीडम पार्क जैसे स्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि विरोध और न्याय की मांग आगे भी जारी रहेगी।
बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से की Gen-Z आंदोलन की तुलना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेहा बोरा का बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन को लेकर दिया गया बयान भी चर्चा में रहा। उन्होंने बांग्लादेश के छात्र आंदोलन और भारत में चल रहे Gen-Z आंदोलन के बीच समानता का उल्लेख किया।
अपने संबोधन में नेहा ने कहा कि देश में दिखाई दे रहे Gen-Z आंदोलन की शुरुआत बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन से प्रेरित रही है। उन्होंने बांग्लादेश के आंदोलन से जुड़े लोगों को संबोधित करते हुए ‘लाल सलाम’ कहा और आंदोलन के दौरान दिखाई गई एकजुटता का जिक्र किया।

