पटना: सिनेमा हॉल में पानी की बोतल की कीमत को लेकर पटना जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अहम फैसला सुनाया है। आयोग ने सिनेपॉलिस सिनेमा हॉल और कोका-कोला कंपनी को संयुक्त रूप से कुल ₹85,000 देने का निर्देश दिया है। मामला थिएटर में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की अधिक कीमत वसूलने और बाहर से पानी लाने पर रोक लगाने से जुड़ा है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से 8 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आयोग ने यह आदेश 5 अक्टूबर 2026 को उपभोक्ता शिकायत संख्या 579/2016 में पारित किया।
₹20 की बोतल के लिए वसूले गए थे ₹50
शिकायतकर्ता के अनुसार, 23 सितंबर 2016 को वह पटना के सिनेपॉलिस थिएटर में फिल्म देखने गया था। वहां उसे पैकेज्ड पेयजल की एक बोतल के लिए ₹50 चुकाने पड़े, जबकि वही उत्पाद खुले बाजार में ₹20 में उपलब्ध था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि थिएटर में बाहर से पानी लाने की अनुमति नहीं दी गई और उसे अधिक कीमत पर बोतल खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद उसने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए क्षतिपूर्ति की मांग की।
आयोग ने इसे माना अनुचित व्यापार व्यवहार
मामले में उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आयोग ने पाया कि उपभोक्ता को बाहर से पानी लाने से रोककर अधिक कीमत पर उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य किया गया। आयोग ने इस तरीके को अनुचित और प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार माना।
आयोग ने स्पष्ट किया कि एक ही उत्पाद के लिए मनमाने ढंग से अलग-अलग कीमत वसूलकर उपभोक्ताओं के हितों को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
किसे कितनी रकम देनी होगी?
आयोग ने सिनेपॉलिस सिनेमा हॉल और कोका-कोला कंपनी को संयुक्त रूप से निम्न निर्देश दिए हैं:
- ₹25,000: शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति के रूप में।
- ₹10,000: शिकायत से जुड़े वाद व्यय के रूप में।
- ₹50,000: राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा करने के लिए।
इस तरह आदेश के तहत कुल ₹85,000 की राशि निर्धारित की गई है।
45 दिनों में करना होगा आदेश का पालन
आयोग ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया है कि वे पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर या अन्य उत्पादों को खुले बाजार में प्रचलित कीमत से अधिक दर पर बेचने की प्रथा बंद करें। साथ ही, बोतलों पर अधिकतम खुदरा मूल्य यानी MRP को स्पष्ट और पढ़ने योग्य तरीके से प्रदर्शित करना होगा।
आदेश के अनुपालन के लिए 45 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। निर्धारित अवधि में निर्देशों का पालन नहीं होने पर संबंधित राशि पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देय होगा।
मनमानी कीमतों पर रोक लगाने के लिए भी निर्देश
आयोग ने विधिक माप विज्ञान विभाग और उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय को भी एक ही उत्पाद के लिए मनमाने तरीके से दोहरी कीमत निर्धारित करने की अनुमति नहीं देने के संबंध में निर्देश दिया है।
यह फैसला सिनेमा हॉल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सामान खरीदने वाले उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़ा अहम मामला है। हालांकि, किसी उत्पाद की कीमत और बिक्री से संबंधित नियम परिस्थितियों तथा लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार देखे जाते हैं।

