Netanyahu UN Speech 2026: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबोधन के दौरान गुरुवार को भारी राजनीतिक हलचल देखने को मिली। जैसे ही वह मंच पर पहुंचे, कुछ प्रतिनिधियों ने तालियां बजाईं तो कई सदस्यों ने विरोध जताते हुए हॉल से बाहर निकलना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में महासभा के बड़े हिस्से की सीटें खाली नजर आने लगीं।
अपने भाषण में नेतन्याहू ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला करना उनके अब तक के सबसे आसान फैसलों में से एक था। बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने उन्हें “नैतिक रूप से कायर” कहा और कहा कि जो लोग उनकी बात नहीं सुनना चाहते, वे हॉल से बाहर जा सकते हैं।
फिलिस्तीनी पक्ष की अपील का भी जिक्र
रिपोर्टों के मुताबिक फिलिस्तीनी मिशन ने सदस्य देशों से अपील की थी कि नेतन्याहू के भाषण के दौरान प्रतिनिधि और कर्मचारी सामूहिक रूप से हॉल से बाहर निकलें। इस अपील का उद्देश्य इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के विरोध का संदेश देना था।
इजरायल इन आरोपों को खारिज करता रहा है कि उसने गाजा में नरसंहार या युद्ध अपराध किए हैं। नेतन्याहू ने अपने संबोधन में भी इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव किया और अपने देश के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को चुनौती दी।
UN में बढ़ा तनाव
नेतन्याहू के भाषण के दौरान महासभा अध्यक्ष को कई बार सदन में शांति बनाए रखने की अपील करनी पड़ी। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब ईरान युद्ध, गाजा संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दे संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रमुख चर्चा के विषय बने हुए हैं।

