पटना: बिहार में घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की। इसके तहत प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की केंद्रीय सहायता के अलावा बिहार सरकार भी पात्र लाभार्थियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देगी।

नई व्यवस्था के तहत 1 किलोवाट का रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर राज्य सरकार की ओर से ₹10,000, 2 किलोवाट पर ₹20,000 और 3 किलोवाट पर अधिकतम ₹20,000 की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। केंद्र और राज्य की सहायता को मिलाकर 3 किलोवाट के सिस्टम पर कुल लाभ ₹98,000 तक पहुंच सकता है।

25 हजार लाभार्थियों को राज्य सहायता
कार्यक्रम के दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले 25,000 लाभार्थियों को अतिरिक्त राज्य वित्तीय सहायता हस्तांतरित की गई। साथ ही, सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए राज्य के विभिन्न प्रमंडलों में 9 सोलर रथ रवाना किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रूफटॉप सोलर के विस्तार से घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में कमी लाने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार के अनुसार बिहार में करीब 2.22 करोड़ बिजली कनेक्शन हैं, जिनमें लगभग 1.94 करोड़ घरेलू कनेक्शन हैं। सरकार बिजली सब्सिडी पर भी बड़ी राशि खर्च करती है, इसलिए सौर ऊर्जा का विस्तार वित्तीय बोझ कम करने में सहायक हो सकता है।
दो साल में कृषि फीडरों को सोलर से जोड़ने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने अगले दो वर्षों में कृषि फीडरों को 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा से संचालित करने की दिशा में काम करने के लिए ऊर्जा विभाग को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

इसके तहत दिन के समय किसानों को सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों को पर्याप्त बिजली मिलने के साथ कृषि क्षेत्र में बिजली सब्सिडी के खर्च को भी कम किया जा सकेगा।
20 हजार मेगावाट का पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बिजली की मांग पिछले वर्षों में तेजी से बढ़ी है। राज्य में वर्तमान बिजली खपत करीब 10 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है। उद्योगों और अन्य क्षेत्रों की भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अगले पांच वर्षों में 20 हजार मेगावाट बिजली का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि ट्रांसमिशन, वितरण, ग्रिड और अन्य बिजली ढांचे को भी मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
ग्रीन हाइड्रोजन के लिए आएगी नीति

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्रीन एनर्जी के दूसरे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की बात भी कही। सोलर और बैटरी स्टोरेज के साथ पंप स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन पर भी सरकार का फोकस है। ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नई नीति लाने की दिशा में काम चल रहा है और इससे बिहार में करीब ₹16,000 करोड़ के निवेश की संभावना जताई गई है।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने में बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्थानीय निकायों के लिए भी प्रोत्साहन राशि की घोषणा की गई है। बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायत को ₹1 लाख, नगर निगम को ₹1 लाख, नगर परिषद को ₹75 हजार और नगर पंचायत को ₹50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने की अपील करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा आने वाले समय में बिहार की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। राज्य सरकार की ओर से रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए ₹1,000 करोड़ के प्रशासनिक एवं व्यय प्रावधान को भी मंजूरी दी जा चुकी है।

