पटना: बिहार में किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर सरकार ने आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा तेज कर दी है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में मंगलवार को कृषि निदेशक और उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें राज्य में खाद की उपलब्धता, कंपनियों से रिटेल पॉइंट तक सप्लाई और किसानों को निर्धारित कीमत पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक समय पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने उर्वरक कंपनियों को FoR (Free on Rail/Road) व्यवस्था के तहत रिटेल पॉइंट तक खाद पहुंचाने की जिम्मेदारी समय पर पूरी करने का निर्देश दिया।
रिटेलर और होलसेलर की शिकायतों पर होगी कार्रवाई
मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के साथ-साथ नियमों का पालन करने वाले रिटेलर और होलसेलर के हितों की भी रक्षा करेगी। अगर किसी कंपनी की ओर से FoR व्यवस्था के तहत रिटेल पॉइंट तक खाद नहीं पहुंचाई जाती है और इसके कारण विक्रेताओं को परेशानी होती है, तो वे इसकी सूचना कृषि मंत्री या विभाग के प्रधान सचिव को दे सकते हैं।
शिकायत की जांच में यदि अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में बिहार में कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने पर भी विचार किया जा सकता है।
जिलों में खाद की उपलब्धता पर निगरानी
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य से लेकर जिला स्तर तक खाद की उपलब्धता, आपूर्ति और वितरण पर लगातार नजर रखी जाए। सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को अपने जिले में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर तत्काल जिला पदाधिकारी को इसकी जानकारी देने को कहा गया है।
साथ ही, किसानों को निर्धारित और उचित मूल्य पर उनकी जरूरत के मुताबिक उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कंपनियों और विक्रेताओं को भी सरकार का भरोसा
मंत्री ने कहा कि नियमों के मुताबिक काम करने वाली उर्वरक कंपनियों और विक्रेताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। वहीं, किसानों के हितों के खिलाफ काम करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उर्वरक विक्रेताओं ने आपूर्ति से जुड़ी अपनी समस्याएं और व्यावहारिक कठिनाइयां भी अधिकारियों के सामने रखीं। कृषि मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का नियमानुसार समाधान करने और सप्लाई चेन में अनावश्यक बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया।
सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था पर है, जिसमें उर्वरक की आपूर्ति सुचारू रहे, किसानों को समय पर खाद मिले और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

