दिशा सालियान केसःआदित्य ठाकरे के घर पर जाकर नोटिस सर्वे करेंगे वकील निलेश ओझा

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दिशा सालियान मामले (Disha Salian Case) में उनके पिता सतीश सालियान के वकील नीलेश ओझा अपनी वकीलों की टीम और इंडियन बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) के घर जाकर मानहानि का नोटिस (Defamation Notice) सर्व करने वाले हैं।इस कदम से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

यह करीब 19,750 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस है, जिसे पहले संगठन की ओर से भी दिया गया था। अब नीलेश ओझा और वकीलों की टीम इसे सीधे सर्व करने की तैयारी में है।

वकील नीलेश ओझा का आरोप है कि आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान मामले और अपनी बेगुनाही को लेकर मीडिया तथा कोर्ट के सामने कई झूठे दावे किए हैं।इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके पास आदित्य ठाकरे के खिलाफ मोबाइल टावर लोकेशन और चश्मदीदों (Eye-witnesses) से जुड़े पुख्ता सबूत हैं।

Q Vive नेटवर्क पर एक इंटरव्यू में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने बताया कि आदित्य ठाकरे की तरफ से उन्हें धमकाया जा रहा है कि वह अगर इस मामले को लेकर ज्यादा दिलचस्पी दिखाएंगे तो फिर वह अदालत में काम करने के लायक भी नहीं रहेंगे। निलेश ओझा ने इस इंटरव्यू में बताया कि इस प्रकार की धमकियों से गवाहों और अन्य कई लोगों पर डर का साया मंडराने लगा है, जिससे इस मामले के सीबीआई के पास जाने के बावजूद प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है। इस डर को समाप्त करने के लिए ही उन्होंने खुद आदित्य ठाकरे के घर पर जाकर नोटिस सर्वे करने का मन बनाया है। हालांकि निलेश ओझा ने कहा कि उनके कई शुभ चिंतकों और पुलिस ने उनसे आज निर्धारित समय 4:00 बजे अपराह्न खुद आदित्य ठाकरे के घर पर जाकर नोटिस सर्वे करने के अपने कार्यक्रम में तब्दीली लाने का उनसेअनुरोध किया है। उनके अनुसार इस समय मुंबई में गणपति विसर्जन का कार्य चल रहा है और इस दौरान ज्यादातर पुलिसकर्मी गणपति विसर्जन के कार्यक्रम में लगे रहते हैं। वकील निलेश ओझा ने बताया कि अपने इन हितैषी पुलिस अधिकारी यो के निवेदन को उन्होंने स्वीकार कर लिया है और आज उनकी जगह पर मुंबई बार एसोसिएशन के सिर्फ दो सदस्य आदित्य ठाकरे के घर पर जाकर नोटिस को सर्व करेंगे और इसके कुछ दिनों के पश्चात निलेश ओझा खुद कुछ अन्य बार एसोसिएशन के वकीलों के साथ आदित्य ठाकरे के घर पर नोटिस सर्वे करने जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश संविधान के नियमों और कानून के आधार पर चलता है, धमकियों के बल पर नहीं।

इस मामले के बैकग्राउंड की बात करें तो बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई (CBI) ने इस मामले में हत्या, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने के गंभीर आरोपों के तहत नई FIR दर्ज की है, जिसमें उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे पर साजिश रचने के आरोप लगाए गए हैं।

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