पटना: बिहार में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में रंग-रोगन, छोटी-मोटी मरम्मत, परिसर के सौंदर्यीकरण और मरीजों की सुविधाओं से जुड़े जरूरी काम कराए जाएंगे। सरकार ने सभी निर्धारित कार्यों को 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
1500 से ज्यादा स्वास्थ्य संस्थान अभियान में शामिल
अभियान का दायरा राज्यभर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तक रखा गया है। इसमें 36 जिला अस्पताल, 56 अनुमंडलीय अस्पताल, 49 रेफरल अस्पताल, 342 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 110 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 844 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 147 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी शामिल हैं।
स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार्यों की प्राथमिकता तय की जाएगी। इसके लिए रोगी कल्याण समिति और जन आरोग्य समिति की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
31 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करना होगा काम
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलाधिकारियों और सिविल सर्जनों को अभियान के तहत निर्धारित कार्य समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। काम की प्रगति पर नियमित निगरानी और समीक्षा भी की जाएगी।
इन कार्यों के लिए Digital Health Incentive Scheme (DHIS) सहित अन्य मदों से उपलब्ध राशि का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का जोर केवल काम पूरा करने पर ही नहीं, बल्कि उपलब्ध धन के प्रभावी इस्तेमाल और निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता पर भी रहेगा।
गांवों के अस्पतालों में भी होंगे कई काम
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संस्थानों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय किया जाएगा। VB-GRAMG के तहत स्वास्थ्य केंद्रों में चहारदीवारी, शौचालय निर्माण, परिसर में मिट्टी भराई, सौंदर्यीकरण और पौधारोपण जैसे कार्य कराए जाने की योजना है।
इससे ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों का माहौल बेहतर होने के साथ मरीजों को अधिक स्वच्छ और सुविधाजनक परिसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया सरकार का लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों की मरम्मत, रंग-रोगन और मरीजों के लिए जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण मिले। प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करने से लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संकल्प को भी मजबूती मिलेगी।
गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा होगा काम
स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने अधिकारियों को अभियान के सभी कार्य 31 अक्टूबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियमित निगरानी और समीक्षा के साथ काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अभियान का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में केवल बुनियादी ढांचे को बेहतर करना नहीं, बल्कि मरीजों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां उन्हें इलाज के साथ बेहतर सुविधाओं का अनुभव भी मिल सके।

