दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में सोमवार को एक 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिर गई। इसमें एक स्टूडेंट की मौत हो गई है, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हैं।राहत और बचाव दल ने अब तक 6 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया है, जबकि कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। मलबे में दबे लोगों को सांस लेने में दिक्कत न हो, इसके लिए मौके पर फौरन ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाए गए हैं।
हादसा दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग खुद हथौड़े लेकर मलबा हटाने और लोगों को बचाने में जुट गए। मलबे के नीचे कुछ गाड़ियां भी बुरी तरह दब गई हैं। हादसे वाली इमारत के ठीक बगल में मौजूद एक और बिल्डिंग पर खतरा मंडरा रहा है और वह गिरने की कगार पर है, हालांकि वक्त रहते वहां से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।जिस गली में यह हादसा पेश आया, वह बेहद संकरी है और आसपास कई ऊंची इमारतें खड़ी हैं, जिससे राहत काम में भी दिक्कतें आ रही हैं।
बताया गया है कि हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था इमारत के नीचे मेडिकल स्टोर भी चल रहा था और इसे एक साल पहले भी खाली कराया गया था। इस बिल्डिंग में करीब 10 कमरों का पीजी चलाया जा रहा था। सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
बताया गया है कि हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इमारत के नीचे मेडिकल स्टोर भी चल रहा था और इसे एक साल पहले भी खाली कराया गया था। इस बिल्डिंग में करीब 10 कमरों का पीजी चलाया जा रहा था। सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
इस दर्दनाक हादसे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गहरा दुख जताया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए गृहमंत्री ने अपना आज का गोवा दौरा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।उन्हें आज गोवा के चिम्बेल में बीजेपी के नए राज्य कार्यालय भवन का उद्घाटन करना था, जिसे फिलहाल टाल दिया गया है।
घटना की जानकारी देते हुए सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS) के नोडल ऑफिसर बलराज सिंह ने बताया कि मौके से निकाले गए 5 लोगों को तुरंत इलाज के लिए एम्स (AIIMS) के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है।प्रशासन और राहत एजेंसियां मौके पर डटी हुई हैं और मलबे को पूरी तरह साफ करने का काम तेजी से जारी है।
इस हादसे के बाद पुलिस ने गुरुग्राम में रहने वाले आरोपी मालिक आनंद बंसल और उसके भाई पर लापरवाही का केस दर्ज कर लिया है, जो इलाके में 3-4 पीजी चलाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बिल्डिंग गिरने की 4 बड़ी वजहें
इस हादसे को लेकर मीडिया में जो खबरें चल रही हैं, उनमें 4 संभावित वजहें सामने आई हैं।
1. बेसमेंट की खतरनाक खुदाई: इमारत के नीचे बेसमेंट बनाने के लिए खुदाई का काम चल रहा था, आशंका है कि इसके चलते बिल्डिंग की नींव हिल गई और पूरा ढांचा भरभरा गया।
2. कमजोर और जर्जर पिलर: चश्मदीदों के मुताबिक नीचे के पिलर बेहद कमजोर थे।5 मंजिला इमारत का भारी-भरकम वजन ये पिलर नहीं झेल पाए और ढह गए।
3. ढांचे से अवैध छेड़छाड़: बेसमेंट या नई बनावट के चक्कर में इमारत के मूल पिलरों और नींव के साथ छेड़छाड़ की गई, जिसने बिल्डिंग की पकड़ को पूरी तरह खत्म कर दिया।
4. पुरानी और जर्जर इमारत: बिल्डिंग का ढांचा पहले से ही कमजोर बताया जा रहा था।ऐसे में नीचे चल रही तोड़फोड़ और खुदाई का अतिरिक्त दबाव इमारत बर्दाश्त नहीं कर सकी।
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं।इसके बाद राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।रेस्क्यू टीम मलबे को सावधानी से हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं।घटनास्थल पर स्थानीय लोग भी मौजूद हैं और बचाव अभियान पर नजर बनाए हुए हैं।
सत्य निकेतन और इसके आसपास का इलाका छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां कई शिक्षण संस्थान और कॉलेज मौजूद हैं, जिसके कारण इलाके में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। हालांकि, गिरी हुई इमारत में कितने लोग मौजूद थे और उनमें कितने छात्र थे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
फिलहाल हादसे में 1 छात्र की मौत की खबर है. बचाव अभियान अभी जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है. स्थिति स्पष्ट होने के साथ हादसे से जुड़ी और जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
दिल्ली पुलिस के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद बचाव दल मौके पर पहुंच गया और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं. हादसे की पूरी स्थिति और प्रभावित लोगों की संख्या को लेकर आधिकारिक अपडेट का इंतजार किया जा रहा है.

