आप 5G के बारे में तो जानते हैं लेकिन क्या आपने UBR या UBR 5G का नाम सुना है? दरअसल एक समय पर घर में इंटरनेट लगवाने के लिए तारों का जाल बिछाना मजबूरी होता था। हालांकि, आज खिड़की पर एक छोटा सा डिवाइस लगाकर 1 Gbps तक की तूफानी इंटरनेट स्पीड पाना मुमकिन है। आमतौर पर लोग इसे नॉर्मल 5G मोबाइल नेटवर्क ही समझते हैं लेकिन इसके पीछे एक ऐसी गुप्त वायरलेस तकनीक काम करती है, जिसे UBR यानी अनलाइसेंस्ड बैंड रेडियो कहा जाता है।
टेक्नोलॉजी की दुनिया में इसे UBR 5G के नाम से भी जाना जाता है। कमाल की बात है कि यह तकनीक सिर्फ Jio के पास है, जिसके ग्राहकों में हर महीने बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।
UBR का मतलब है अनलाइसेंस्ड बैंड रेडियो। दरअसल कुछ ऐसे रेडियो फ्रीक्वेंसी बैंड भी होते हैं, जिनके इस्तेमाल के लिए सरकार को नीलामी फीस या स्पेक्ट्रम लाइसेंस शुल्क के रूप में भुगतान नहीं करना पड़ता। UBR या UBR 5G तकनीक इस फ्री या अनलाइसेंस्ड रेडियो बैंड का इस्तेमाल करके इंटरनेट को एक पॉइंट से अलग-अलग पॉइंट्स तक पहुंचाने का काम करती है।
इस आप आसान भाषा में ऐसे समझ सकते हैं कि Jio बिना सरकारी नीलामी वाले स्पेक्ट्रम के जरिए भी हाई-स्पीड डेटा को हवा में लंबी दूरी तक बीम करके लोगों तक पहुंचा सकता है।
दरअसल जियों द्वारा FWA (फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस) यानी Jio AirFiber की शुरुआत के समय डर था कि सारा लोड 5G नेटवर्क पर पड़ सकता है। इसे हल करने के लिए Jio ने UBR तकनीक को अपने नेटवर्क में इंटीग्रेट किया।
इससे तंग गलियों और पुरानी कॉलोनियों में फाइबर केबल बिछाने का झंझट पूरी तरह से खत्म हो गया। इसके अलावा अनलाइसेंस्ड स्पेक्ट्रम होने की वजह से कंपनी को नेटवर्क पर अलग से कुछ खर्च भी नहीं करना पड़ा।
UBR तकनीक की खासियत है कि इसकी मदद से एक ही टावर से आसपास के दर्जनों घरों की छतों पर लगे रिसीवर को सीधे कनेक्ट किया जा सकता है।
इस तकनीक के साथ Jio की सबसे बड़ी ताकत है कि यह स्वदेशी तकनीक है, जिसे खुद Jio ने ही विकसित किया है। इसके लिए रिलायंस जियो की सहायक कंपनी रेडिसिस ने अमेरिकी कंपनी Mimosa Networks का अधिग्रहण किया था।
इसके बाद Jio ने खुद के UBR एंटीना और रिसीवर तैयार किए। इसी वजह से भारत में वह एयरफाइबर कनेक्शन लगाने में कामयाब रहा।
UBR या UBR 5G का सबसे बड़ा फायदा है कि इसकी मदद से यूजर को बिना तारों के जंजाल के 1 Gbps तक की ब्रॉडबैंड स्पीड, 4K लाइव टीवी स्ट्रीमिंग और लो-लेटेंसी इंटरनेट मिलता है।
इस तकनीक के साथ फाइबर केबल कटने पर इंटरनेट बंद होने का डर नहीं रहता।
इसके अलावा जहां नॉर्मल 5G नेटवर्क कंजेशन का शिकार हो सकता है, वहीं UBR डेडिकेटेड कनेक्टिविटी की वजह से लगातार स्थिर इंटरनेट उपलब्ध कराता है।

