छपरा: सारण जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से रविवार को जारी अपडेट के मुताबिक जिले के 7 प्रखंडों की 35 पंचायतों के 109 गांवों की 2,33,511 आबादी बाढ़ से प्रभावित है। अब तक 1,206 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। राहत की बात यह है कि प्रशासन के अनुसार जिले में अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। बड़ी संख्या में नावों के साथ SDRF और NDRF की टीमें भी तैनात की गई हैं।

डोरीगंज में हाईवे तक पहुंचा पानी, लोगों को सुरक्षित हटाया गया
डोरीगंज में जलस्तर राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने के बाद प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फिलहाल 155 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इसके अलावा SDRF के 6 राफ्ट तैनात हैं। इनमें सदर में 2, दिघवारा में 2 और सोनपुर में 2 राफ्ट शामिल हैं। वहीं, NDRF की एक यूनिट भी सारण पहुंच चुकी है।
21 मेडिकल कैंप में 1,371 मरीजों का इलाज
बाढ़ प्रभावित लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए जिले में 21 चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 1,371 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। इसके अलावा 6 बोट एम्बुलेंस भी सक्रिय हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को सुरक्षित तरीके से चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। राहत सामग्री के रूप में अब तक 8,945 ड्राई राशन/फूड पैकेट और 11,349 पॉलीथिन शीट्स वितरित की जा चुकी हैं।
पशुओं के लिए भी राहत इंतजाम
बाढ़ के बीच पशुओं की सुरक्षा के लिए भी प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। जिले में 8 पशु शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां अब तक 678 पशुओं को रखा गया है। इन शिविरों में पशुओं के लिए चारा और पशु चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
15 सामुदायिक रसोई में 12 हजार से ज्यादा लोगों को भोजन
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जिले में कुल 15 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। सदर छपरा में 4, रिविलगंज में 4, दिघवारा में 3, सोनपुर में 2 और गड़खा में 2 केंद्र चल रहे हैं। इन सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से अब तक 12,005 लोगों को भोजन कराया जा चुका है। प्रशासन के मुताबिक जरूरत के अनुसार रसोई केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

तटबंधों की भी बढ़ी निगरानी, दो जगह मरम्मत युद्धस्तर पर
बाढ़ के बीच तटबंधों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। दिघवारा के त्रिलोकचक और दरियापुर के सिमरिया में तटबंध में आई दरारों को भरने का काम युद्धस्तर पर जारी है। जिले के सभी पदाधिकारी और कर्मियों को राहत कार्यों में लगाया गया है, ताकि प्रभावित इलाकों में जरूरत के अनुसार तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

राहत शिविरों में बच्चों के लिए पढ़ाई-खेल की व्यवस्था
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। सोनपुर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से आए बाढ़ प्रभावित परिवारों और बच्चों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई केंद्र-सह-राहत शिविरों में बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों की तर्ज पर सुरक्षित और अनुकूल माहौल दिया जा रहा है। बच्चों को खेल, मनोरंजन, रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है, ताकि बाढ़ के दौरान उन्हें तनाव से दूर रखते हुए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिल सके।
प्रभारी मंत्री ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
सारण जिले के प्रभारी मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मौके पर चल रहे राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने उन्हें बाढ़ की स्थिति, आश्रय स्थलों, सामुदायिक रसोई, मेडिकल टीम, पशु शिविर, नावों और अन्य राहत व्यवस्थाओं की जानकारी दी। वहीं, प्रभारी सचिव, सारण जिला सह गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया।

प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद देने का निर्देश
प्रभारी मंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और सभी जरूरी व्यवस्थाओं को लगातार सक्रिय रखने पर जोर दिया।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अनावश्यक आवागमन से बचें और अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर रहें। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा केवल जिला और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है। जरूरत पड़ने पर लोगों से प्रशासन द्वारा बनाए गए आश्रय स्थलों में जाने की अपील की गई है।

