आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान और नींद की कमी लोग की बहुत ही आम परेशानी हो चुकी है। इसकी मुख्य वजह देर रात तक मोबाइल चलाना, काम का स्ट्रेस या अनियमित लाइफस्टाइल हो सकती है। अक्सर खराब नींद की वजह मानी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार खराब नींद सिर्फ एक लाइफस्टाइल समस्या नहीं, बल्कि दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकती है? सीके बिड़ला हॉस्पिटल, दिल्ली के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. अंशुल कुमार जैन का कहना है कि कई बार नींद से जुड़ी समस्याएं इस बात का इशारा होती हैं कि हार्ट पहले से ही अतिरिक्त दबाव झेल रहा है।
डॉक्टर बताते हैं कि जब हम गहरी नींद में होते हैं, तब शरीर कई जरूरी रिपयेरिंग से गुजरता है।इस दौरान ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट स्वाभाविक रूप से कम हो जाते हैं, जिससे हार्ट को आराम मिलता है।लेकिन अगर आपकी नींद बार-बार टूटती है या आप पर्याप्त नींद नहीं ले पाते, तो ये नैचुरल रिकवरी प्रोसेस प्रभावित हो जाती है।
इसका असर ये होता है कि ब्लड प्रेशर लंबे समय तक बढ़ा रहता है हार्ट को सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है समय के साथ यह अतिरिक्त दबाव ब्लड वेसेल्स और हार्ट दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है।
कई लोग खर्राटों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन तेज खर्राटे और सोते समय सांस रुकने जैसी समस्या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) का संकेत हो सकती है। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें नींद के दौरान व्यक्ति की सांस कुछ सेकंड के लिए बार-बार रुकती है।
अनियमित धड़कन, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के बढ़े हुए जोखिम से जुड़ा हुआ है। अक्सर परिवार के सदस्य या जीवनसाथी सबसे पहले इस समस्या को नोटिस करते हैं. ऐसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अगर आप नियमित रूप से छह घंटे से कम सोते हैं या रातभर करवटें बदलते रहते हैं, तो इसका असर सिर्फ आपकी एनर्जी पर नहीं पड़ता।खराब नींद के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन जैसे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन का स्तर बढ़ा रहता है। इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट लगातार बढ़े रहते हैं।
ये नुकसान धीरे-धीरे होता है और इसलिए अक्सर लोगों को इसका पता तब चलता है, जब उन्हें हाई ब्लड प्रेशर या किसी हृदय रोग की पहचान होती है।
अगर आपको कभी-कभार नींद नहीं आती है, तो चिंता की बात नहीं है।लेकिन अगर लंबे समय से शरीर में बदलाव दिख रहे हैं, तो फौरन डॉक्टर की सलाह लें, जैसे-
तेज खर्राटे आना और नींद में सांस रुकना
पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थकान महसूस होना।
सुबह उठते ही सिरदर्द होना
दिनभर सुस्ती और थकान रहना, जिसे चाय या कॉफी भी दूर न कर पाए।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए अच्छी नींद जरूरी

