Rakhi Bandhne Ke Niyam: रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती है। लेकिन राखी बांधने की रस्म को लेकर अक्सर एक सवाल सामने आता है—पहले तिलक लगाया जाए या राखी बांधी जाए?
धार्मिक परंपराओं में पूजा की रस्मों को एक निश्चित क्रम से करने की मान्यता है। अगर आप भी इस बार रक्षाबंधन की पूजा पारंपरिक तरीके से करना चाहते हैं, तो जानिए थाली सजाने से लेकर आरती और मिठाई खिलाने तक की पूरी विधि।
पहले तिलक या राखी? क्या है परंपरागत क्रम?
रक्षाबंधन की रस्म में सामान्य तौर पर सबसे पहले भाई को तिलक लगाया जाता है और उसके बाद राखी बांधी जाती है। बहन भाई को सामने बैठाकर माथे पर रोली या कुमकुम से तिलक करती है और फिर अक्षत लगाए जाते हैं।
इसके बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधने की परंपरा है। इस दौरान बहन भाई के अच्छे स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की प्रार्थना करती है। राखी बांधने के बाद आरती की जाती है और फिर भाई को मिठाई खिलाई जाती है। हालांकि, अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में रीति-रिवाजों में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अपनी पारिवारिक परंपरा को भी महत्व देना चाहिए।
राखी की पूजा थाली में क्या-क्या रखें?
रक्षाबंधन के लिए पूजा की थाली तैयार करते समय बहुत अधिक सामग्री की जरूरत नहीं होती। आप इसमें ये चीजें रख सकते हैं:
- राखी
- रोली या कुमकुम
- अक्षत यानी चावल
- दीपक
- मिठाई
- आरती की सामग्री
थाली को फूलों, पत्तियों या छोटी रंगोली से सजाकर आकर्षक बनाया जा सकता है। भाई की पसंद के फूल या रंग शामिल करने से पूजा की थाली को व्यक्तिगत स्पर्श भी दिया जा सकता है।
राखी बांधने की सही विधि
1. भाई को आसन पर बैठाएं
सबसे पहले भाई को साफ स्थान या आसन पर आराम से बैठाएं। पूजा के दौरान वातावरण शांत और व्यवस्थित रखने की कोशिश करें।
2. माथे पर तिलक लगाएं
भाई के माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाएं। इसके बाद तिलक के ऊपर अक्षत लगाएं। धार्मिक मान्यताओं में अक्षत को शुभता और पूर्णता से जोड़कर देखा जाता है।
3. दाहिनी कलाई पर राखी बांधें
तिलक के बाद भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। इस दौरान भाई की खुशहाली, स्वस्थ जीवन और समृद्धि की कामना की जाती है।
4. आरती करके मिठाई खिलाएं
राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें। इसके बाद उसे मिठाई खिलाकर रस्म पूरी करें। भाई भी बहन को उपहार देकर अपने प्यार और स्नेह का इजहार करता है।
राखी बांधते समय इन बातों का रखें ध्यान
राखी बांधते समय जल्दबाजी न करें। धागा न तो इतना ढीला हो कि आसानी से खुल जाए और न ही इतना कसकर बांधें कि कलाई पर परेशानी हो। पूजा की सभी सामग्री साफ-सुथरी रखें और दीपक जलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

