कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में लड़कियों से ‘पितृसत्ता’ तोड़ने का आह्वान किया है। आरोप लग रहे हैं कि राहुल गांधी ने यह सब केवल हिंदू महिलाओं के लिए कहा है। इसके पीछे वजह भी है कि उन्होंने अपनी बात रखने के लिए सिर्फ मनुस्मृति का हवाला दिया है। इसी वजह से कुछ मुस्लिम महिलाएं कांग्रेस मुख्यालय पहुंच गईं और कहा कि वो चाहती हैं कि कांग्रेस नेता उन्हें भी ऐसे ही बराबर का सम्मान दें।
बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस हेडक्वार्टर पर बड़ी अजीब स्थिति पैदा हो गई। कुछ बुर्काधारी महिलाओं ने यहां कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और उनसे सवाल किया कि वह महिला सम्मान की बात करते हैं, बराबरी देने की बात करते हैं, लेकिन मुस्लिम महिलाओं को क्यों छोड़ देते हैं, उन्हें अपनी बातों का हिस्सा क्यों नहीं बनाते।
एक मुस्लिम महिला ने कहा, ‘कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करने का सिर्फ एक ही कारण है। हम चाहते हैं कि राहुल गांधी हमें भी बराबरी का सम्मान देने की बात करें। उनसे पूछिए, कर्नाटक में आपकी सरकार है, लेकिन वहां एक भी महिला मंत्री नहीं है।…हम सिर्फ यह कहना चाहते हैं कि उन्हें ट्रिपल तलाक का गलत मतलब नहीं निकालना चाहिए।
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एक और मुस्लिम महिला ने सीधा सवाल किया कि ’70 सालों में तो आपने (कांग्रेस) पूछा नहीं, आपने 70 सालों में क्या किया? जब ट्रिपल तलाक से महिलाओं को यूं चुटकियों में छोड़ दिया जाता था, तब राहुल गांधी कहां थे?…आप कपड़ों पे बात करते हो, महिलाओं के बारे में सोचो, राजनीति में उनकी भागीदारी बढ़ेगी 33% उसके बारे में क्यों नहीं बोल रहे हो? कर्नाटक में कोई महिला मंत्री क्यों नहीं है? एक बार हम महिलाओं का दर्द सुनो।’
दरअसल, 22 अगस्त, 2026 को पुणे में एक कॉलेज मैदान में आयोजित कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मनुस्मृति की खिल्ली उड़ाने की कोशिश की और कथित तौर पर ‘पितृसत्ता तोड़ो’ के लिए महिलाओं का आह्वान किया।
इसके बाद से राहुल गांधी पर आरोप लग रहे हैं कि उन्हें जब भी मौका मिलता है, हिंदुओं और हिंदू धार्मिक ग्रंथों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं और अन्य धर्मों में जो कुछ भी खामियां हैं तो उसपर बोलने से परहेज करने की कोशिश करते हैं।

