Trump Immigration Policy: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इमिग्रेशन नियमों को लेकर एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशासन ऐसे करीब 2 लाख विदेशी नागरिकों के B1 और B2 वीजा रद्द करने पर विचार कर रहा है, जिन्होंने अमेरिका पहुंचने के बाद शरण के लिए आवेदन किया है या फिलहाल शरण पाने की प्रक्रिया में हैं।
अगर यह योजना लागू होती है, तो एक ही बार में इतनी बड़ी संख्या में वीजा रद्द किया जाना अमेरिकी इतिहास की बड़ी इमिग्रेशन कार्रवाइयों में शामिल हो सकता है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी विदेश विभाग आने वाले हफ्तों में इस संबंध में घोषणा कर सकता है। हालांकि, योजना में बदलाव या कानूनी चुनौती की स्थिति में इसका स्वरूप बदल सकता है।
किन वीजा पर होगी कार्रवाई?
रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित कार्रवाई में B1 और B2 नॉन-इमिग्रेंट वीजा शामिल हैं। ये वीजा आमतौर पर अमेरिका में बिजनेस विजिट, पर्यटन या अन्य अल्पकालिक यात्राओं के लिए जारी किए जाते हैं।
दस्तावेजों के मुताबिक, ऐसे वीजा पर अमेरिका पहुंचे कुछ विदेशी नागरिकों ने बाद में देश में शरण के लिए आवेदन किया। प्रशासन अब ऐसे मामलों की समीक्षा कर रहा है। यह जानकारी अमेरिकी विदेश विभाग के दस्तावेजों और अधिकारियों के हवाले से सामने आई है।
विदेश विभाग ने क्या कहा?
विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, विभाग अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के साथ मिलकर ऐसे विदेशी नागरिकों की पहचान कर रहा है जिन्होंने अमेरिका में अस्थायी विजिटर के तौर पर प्रवेश किया, लेकिन बाद में स्थायी रूप से रहने के उद्देश्य से शरण का आवेदन दाखिल किया।
उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में नॉन-इमिग्रेंट वीजा रद्द किए जा सकते हैं। हालांकि, पिगॉट ने संभावित रूप से रद्द होने वाले वीजा की निश्चित संख्या बताने से इनकार किया।
उनका कहना है कि समीक्षा और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी चल सकती है, इसलिए प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या में बदलाव संभव है।
क्या वीजा रद्द होते ही अमेरिका से निकाल दिया जाएगा?
यह सबसे अहम सवाल है। अधिकारियों के मुताबिक, वीजा रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति को तुरंत अमेरिका से बाहर कर दिया जाएगा। जिन लोगों की शरण संबंधी याचिकाएं अभी लंबित हैं, वे निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने दावे को आगे बढ़ाने का अधिकार रख सकते हैं। हालांकि, उनका बिजनेस या टूरिज्म विजिटर वाला स्टेटस प्रभावित हो सकता है। यानी वीजा कैंसिलेशन और तत्काल निर्वासन को एक ही प्रक्रिया नहीं माना जा रहा है।
ट्रंप प्रशासन क्यों सख्त कर रहा है इमिग्रेशन नियम?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से अमेरिका में इमिग्रेशन और वीजा नियमों को कड़ा करने पर जोर दिया गया है। प्रशासन अवैध प्रवास, वीजा के कथित गलत इस्तेमाल और शरण प्रणाली के दुरुपयोग को लेकर सख्त रुख अपनाता रहा है।
नवीनतम प्रस्तावित कार्रवाई को भी इसी व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसका असर अमेरिका में मौजूद उन विदेशी नागरिकों पर पड़ सकता है जिन्होंने पहले विजिटर वीजा के जरिए प्रवेश किया और बाद में शरण की प्रक्रिया शुरू की।
अमेरिका जाने वालों के लिए क्या मायने रखता है?
अगर यह नीति लागू होती है, तो अमेरिका में B1/B2 वीजा पर जाने वाले विदेशी नागरिकों के लिए इमिग्रेशन नियमों को लेकर सावधानी और बढ़ सकती है। खासतौर पर उन लोगों के मामलों की समीक्षा सख्ती से हो सकती है जिनके विजिटर वीजा के उद्देश्य और बाद में दाखिल की गई शरण याचिका के बीच अंतर पाया जाता है।
हालांकि, अंतिम नियम और उसके दायरे को लेकर स्थिति अमेरिकी विदेश विभाग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

